Thursday, 5 February 2026

ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली से 15 दिन में 800 बच्‍चे गायब, जमीन खा गई या निगल गया आसमान? वसीम-ऋतिक के घरों में मातम


  दिल्ली: महज 15 दिनों में 800 से ज्यादा बच्चे गायब होने की खबर ने राजधानी में सनसनी फैला दी है। बुराड़ी के दो परिवारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 19 वर्षीय वसीम रजा और 16 वर्षीय ऋतिक झा अभी भी लापता हैं।

परिवारों का आरोप है कि पुलिस की सुस्ती और सीसीटीवी फुटेज जुटाने में देरी के कारण अहम सुराग लगातार मिट रहे हैं। वसीम चैन से सोया था, लेकिन अगली सुबह वह बिस्तर से गायब था। वहीं, ऋतिक, जो JEE की तैयारी कर रहा था, कुछ समय बाद लापता पाया गया।

दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस के नाक के नीचे इतने बच्चों का अचानक गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। माता-पिता की आँखें दरवाजों पर पथरा गई हैं, जबकि पुलिस फाइलें और लेटर लिखने में हफ्ते गुजार देती है। मेट्रो फुटेज और अन्य सुराग भी कई बार हमेशा के लिए गायब हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि उन माँ-बाप के दर्द और डर का सच है, जो हर रोज़ अपने बच्चों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। राजधानी अब बच्चों के लिए डरावना भूलभुलैया बनती जा रही है।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन आम जनता और परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है।

रहते हैं गाजियाबाद में और दिल्ली के एड्रेस पर बना है पासपोर्ट, तो अब जाएंगे जेल! शुरू होने जा रहा बड़ा अभियान


 गाजियाबाद: अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और दिल्ली के पते पर पासपोर्ट बनवाते हैं, तो सावधान हो जाइए। हाल ही में गाजियाबाद में एक बड़े पासपोर्ट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसमें एक ही पते और मोबाइल नंबर से 22 पासपोर्ट बनवा लिए गए। इस खेल में पोस्ट ऑफिस का पोस्टमैन भी शामिल था।

पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत गलत जानकारी देना अपराध है और इसके लिए भारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद नई सख्त गाइडलाइन लागू की है: अब पासपोर्ट केवल उस एड्रेस पर बनाया जाएगा, जहां आवेदक का कम से कम एक स्थायी पता हो।

बीते कुछ सालों से Apply Anywhere in India योजना के तहत देश के किसी भी कोने से पासपोर्ट बनवाना संभव था। लेकिन नई गाइडलाइन में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पुराने या फर्जी पते का इस्तेमाल अब नहीं किया जा सकता। अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और पहले दिल्ली में नौकरी या पढ़ाई के लिए रह चुके हैं, तो अब दिल्ली के पते पर पासपोर्ट बनवाना गैरकानूनी होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी जानकारी देने से न केवल आपका पासपोर्ट रद्द हो सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए सभी आवेदकों को अब अपने स्थायी पते का ही प्रमाण देना अनिवार्य होगा।

महिला के सम्मान में बोला मुकेश तो जान पर बन आई, 25 लातें-अनगिनत थप्पड़; वीडियो देख लिया तो खौल जाएगा खून


 नई दिल्ली: फेंगशुई के अनुसार, डाइनिंग एरिया केवल भोजन का स्थान नहीं है, बल्कि यह परिवार के स्वास्थ्य, संबंध और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, डाइनिंग टेबल और उसके आस-पास की व्यवस्था से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाई जा सकती है।

सबसे पहले, टेबल का आकार और दिशा महत्वपूर्ण है। गोल या ओवल टेबल समानता और सामंजस्य लाने में मदद करती है, जबकि चौकोर टेबल स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक है। टेबल को दीवार के पास रखना बेहतर माना जाता है, ताकि बैठने वाले को सुरक्षा और संतुलन का एहसास हो।

साफ-सफाई और अव्यवस्था से बचना फेंगशुई का महत्वपूर्ण नियम है। टेबल और आसपास कोई अनावश्यक चीज़ न रखें, क्योंकि अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है।

रंगों का चयन भी बेहद महत्वपूर्ण है। हल्के, प्राकृतिक और गर्म रंग जैसे सफेद, पीला, हरा और हल्का लकड़ी का टोन खुशहाली और संतुलन लाते हैं।

टेबल की स्थिति मुख्य दरवाजे के सीधे सामने नहीं होनी चाहिए। भोजन के समय परिवार के सदस्य एक-दूसरे की ओर मुख करके बैठें, जिससे बातचीत और रिश्ते मजबूत बनते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन सरल उपायों को अपनाकर डाइनिंग एरिया से घर में सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और खुशहाली बनी रहती है।

Wednesday, 4 February 2026

संसद परिसर में राहुल गांधी–रवनीत बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक, बयानबाज़ी से गरमाई सियासत


 संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। यह पूरा घटनाक्रम संसद परिसर में कैमरों में कैद हो गया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस सांसदों के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी निलंबित सांसदों के समर्थन में संसद परिसर पहुंचे थे। इसी बीच केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और एजेंसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहते हुए टिप्पणी की। इसके जवाब में रवनीत सिंह बिट्टू ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ बताया।

इस बयानबाज़ी के बाद संसद परिसर में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हलचल बढ़ गई। दोनों पक्षों के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं का बचाव करते हुए बयान दिए, जिससे राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

फिलहाल इस मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई औपचारिक शिकायत या कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल वीडियो के चलते सियासी माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक असर पर सबकी नजर बनी हुई है।

दीपिका हत्याकांड में नया खुलासा, आरोपी पति पहले कर चुका था तीन शादियां; पुलिस तलाश में


  मृतिका दीपिका और आरोपी शोएब

कानपुर के पनकी क्षेत्र में विवाहिता दीपिका सैनी की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति शोएब उर्फ सौरभ दुबे दीपिका से पहले तीन शादियां कर चुका था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पर अपनी पूर्व पत्नियों के साथ मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगे थे, जिसके चलते वे उसे छोड़कर चली गई थीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपिका की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मृतका की मां चित्रा सैनी ने बताया कि उन्होंने बेटी को इस शादी के लिए मना किया था, लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह दीपिका और उसके बच्चों की जिम्मेदारी निभाएगा।

जानकारी के मुताबिक, दीपिका के पहले पति की पिछले वर्ष एक हादसे में मौत हो गई थी, जिससे उसके दो बेटे हैं। बाद में मोहल्ले में रहने वाले शोएब से उसके संबंध बने और 25 अक्टूबर को दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। शादी के बाद वे रामनगर इन्क्लेव में रहने लगे थे।

पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, पारिवारिक पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गाजियाबाद तीन बहन मौत मामला: परिवारिक पृष्ठभूमि, ऑनलाइन गेम एंगल समेत कई पहलुओं की जांच जारी


 


 गाजियाबाद | 04 फरवरी 2026

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चियां एक ही परिवार की थीं और नौवीं मंजिल स्थित फ्लैट की बालकनी से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

पुलिस के अनुसार, बच्चियों के पिता की दो शादियां थीं और दोनों पत्नियां व सभी बच्चे एक ही घर में रहते थे। मृत बच्चियों में दो सगी बहनें थीं जबकि एक सौतेली मां की बेटी बताई जा रही है। यह भी सामने आया है कि तीनों बच्चियां पिछले करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं, जिसकी भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या बच्चियां किसी ऑनलाइन ‘टास्क-बेस्ड’ गेम से प्रभावित थीं। अधिकारियों के मुताबिक, परिवार ने हाल ही में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच जारी है और किसी एक कारण की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस को देर रात करीब 2:15 बजे सूचना मिली कि साहिबाबाद क्षेत्र के एक आवासीय टावर से तीन बच्चियां नीचे गिर गई हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और सभी पहलुओं — पारिवारिक माहौल, डिजिटल गतिविधियों और मानसिक स्थिति — को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी एक कारण को तुरंत जिम्मेदार ठहराने के बजाय जांच पूरी होने तक इंतजार करना जरूरी होता है। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल उपयोग पर परिवार और समाज को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

क्या रात में कपड़े धोने की आदत आपके जीवन पर डाल सकती है असर? जानिए वास्तु मान्यताएं और सच


 नई दिल्ली | 04 फरवरी 2026

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग समय की कमी के कारण रात में घर के काम निपटाते हैं। कपड़े धोना भी अक्सर रात में किया जाने वाला काम बन गया है। लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, रात के समय कपड़े धोना घर की ऊर्जा और मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है। हालांकि, इन दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता और इन्हें पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाता है।

वास्तु मान्यताओं के मुताबिक दिन का समय सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है, जबकि रात को तामसिक ऊर्जा अधिक सक्रिय मानी जाती है। कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि रात में धोकर बाहर सुखाए गए कपड़े नकारात्मक ऊर्जा को सोख सकते हैं, जिससे घर में तनाव या अशांति बढ़ सकती है।

कुछ ज्योतिष और वास्तु सलाहकारों का मानना है कि गलत समय पर किए गए घरेलू कार्य व्यक्ति के मनोबल और मानसिक संतुलन पर असर डाल सकते हैं। हालांकि मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह प्रभाव व्यक्ति की सोच और विश्वास पर भी निर्भर करता है।

वैज्ञानिक तौर पर रात में कपड़े धोने से सीधे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने का कोई प्रमाण नहीं है। हां, कुछ व्यावहारिक कारण जरूर हो सकते हैं — जैसे धूप में कपड़े सुखाने से बैक्टीरिया कम होते हैं और कपड़े जल्दी सूखते हैं।

हरियाणा निकाय चुनाव से पहले INLD का बड़ा ऐलान, मेयर से पार्षद तक सिंबल पर लड़ेगी चुनाव


 हरियाणा में निकाय चुनावों की आहट के साथ सियासी सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि पार्टी मेयर और नगर निगम पार्षदों के चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ेगी।

सोनीपत के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक रामफल कुंडू की अध्यक्षता में यह घोषणा की गई। INLD नेताओं ने कहा कि आने वाले नगर निगम चुनावों में सभी प्रत्याशी पार्टी के आधिकारिक सिंबल पर मैदान में उतरेंगे।

पार्टी नेताओं ने दावा किया कि इस बार निकाय चुनावों में INLD बड़ी जीत हासिल करेगी। साथ ही, पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के भीतरीघात को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात भी कही गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान INLD ने राज्य की बीजेपी सरकार पर अपराध और टैरिफ के मुद्दों को लेकर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और किसानों में टैरिफ को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

हरियाणा में जल्द ही निकाय चुनावों का ऐलान होने की संभावना है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों की तैयारियां और रणनीतिक घोषणाएं तेज़ हो गई हैं, जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ गई है। 

असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई: कछार में 60 लाख रुपए की हेरोइन बरामद, जांच जारी


 असम में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। असम राइफल्स और कछार जिला पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में 60 लाख रुपए की हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा झटका माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह संयुक्त ऑपरेशन 2 फरवरी को अंजाम दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रग तस्करी से जुड़ी विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी। इसी आधार पर असम राइफल्स और जिला पुलिस ने मिलकर इलाके में निगरानी बढ़ाई और विशेष अभियान शुरू किया।

तलाशी अभियान के दौरान जिरिघाट बाजार के पास नंदनकानन पुल के आसपास के क्षेत्र से 116.2 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है। यह क्षेत्र जालिउरा से लगभग 8 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। फिलहाल जब्त किए गए नशीले पदार्थों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

असम में हाल के महीनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई है। इस तरह की संयुक्त कार्रवाई से ड्रग तस्करों के नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

महाराष्ट्र में NCP की सियासत गरम: प्रफुल्ल पटेल की रणनीति से शरद पवार को झटका?


 महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एनसीपी (NCP) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान सुर्खियों में है। वरिष्ठ नेता शरद पवार और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के बीच राजनीतिक रणनीतियों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। हालिया घटनाक्रम ने पार्टी के भविष्य और नेतृत्व को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद एनसीपी की राजनीति तेजी से बदलती नजर आई। उनके निधन के महज चार दिन बाद ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई गई। इस फैसले ने पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम में प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश एनसीपी नेता सुनील तटकरे की अहम भूमिका रही। अब खबरें हैं कि सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष पद पर बैठाने की तैयारी भी की जा रही है, जबकि प्रफुल्ल पटेल खुद अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। इसे शरद पवार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि शरद पवार चाहते थे कि एनसीपी के दोनों गुट और परिवार एक बार फिर एकजुट हो जाएं। अजित पवार भी कथित तौर पर पार्टी के पुनः एकीकरण के पक्ष में थे। लेकिन हालिया फैसलों से यह प्रक्रिया और मुश्किल होती दिख रही है।

अंदरूनी बदलावों और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों ने एनसीपी के भविष्य पर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में पार्टी की दिशा और नेतृत्व संरचना क्या होगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

RPSC विज्ञान शिक्षक भर्ती में योग्य अभ्यर्थियों की कमी, लाखों ने दी परीक्षा फिर भी 300 से कम चयन


 राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा में विज्ञान विषय का परिणाम चौंकाने वाला रहा है। भारी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के बावजूद आयोग को निर्धारित पदों के मुकाबले पर्याप्त योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाए। 350 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में केवल 296 अभ्यर्थी ही सफल हो सके हैं, जिससे कई पद खाली रह गए हैं।

RPSC ने आठ विषयों के कुल 2129 पदों पर भर्ती निकाली थी, जिनमें विज्ञान विषय के लिए 350 पद निर्धारित थे। विज्ञान विषय के लिए 1,68,206 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
9 सितंबर 2025 को हुई परीक्षा में 1,17,364 उम्मीदवार शामिल हुए, लेकिन अंतिम परिणाम में चयन संख्या 300 से भी कम रही।

इस भर्ती में आयोग द्वारा लागू ‘पांचवें विकल्प’ का नियम बड़ा कारण बनकर सामने आया। जिन अभ्यर्थियों ने 10% से अधिक प्रश्नों में कोई विकल्प नहीं भरा, उन्हें सीधे अयोग्य घोषित कर दिया गया।
इसी नियम के चलते 359 अभ्यर्थी तकनीकी कारणों से चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। नियम के अनुसार, यदि उम्मीदवार को उत्तर नहीं आता था तो उसे अनिवार्य रूप से पांचवां विकल्प भरना जरूरी था।

न्यूनतम अंक हासिल न होने के कारण एसटी, एससी महिला और दिव्यांग वर्ग के कई पद खाली रह गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के बावजूद योग्य अभ्यर्थियों की कमी ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कड़े नियम, तकनीकी त्रुटियां और न्यूनतम अंक की शर्तें इस स्थिति के पीछे प्रमुख कारण हो सकती हैं। यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

मिसकैरिज के दर्द पर बोलीं अर्चना पूरन सिंह – ‘बहुत अकेला महसूस हुआ’


 मशहूर अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में अपने नए यूट्यूब वीडियो में अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़ा एक बेहद निजी और भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें मिसकैरिज का सामना करना पड़ा था, जिसने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था।

अर्चना ने कहा कि उस मुश्किल दौर में वह खुद को बहुत अकेला महसूस कर रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि जब यह घटना हुई, तब उनके पति परमीत सेठी फुटबॉल खेलने गए हुए थे, जिससे उन्हें भावनात्मक रूप से और ज्यादा खालीपन महसूस हुआ।

वीडियो में अर्चना ने महिलाओं की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मिसकैरिज सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि गहरा मानसिक आघात भी होता है, जिसके बारे में समाज में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि महिलाएं खुद को अकेला महसूस न करें।

उनकी इस ईमानदार बातचीत को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिल रही है। कई लोगों ने उनके साहस की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की खुली बातचीत समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद करती है।

मिसकैरिज के दर्द पर बोलीं अर्चना पूरन सिंह – ‘बहुत अकेला महसूस हुआ’


 मशहूर अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में अपने नए यूट्यूब वीडियो में अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़ा एक बेहद निजी और भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें मिसकैरिज का सामना करना पड़ा था, जिसने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था।

अर्चना ने कहा कि उस मुश्किल दौर में वह खुद को बहुत अकेला महसूस कर रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि जब यह घटना हुई, तब उनके पति परमीत सेठी फुटबॉल खेलने गए हुए थे, जिससे उन्हें भावनात्मक रूप से और ज्यादा खालीपन महसूस हुआ।

वीडियो में अर्चना ने महिलाओं की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मिसकैरिज सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि गहरा मानसिक आघात भी होता है, जिसके बारे में समाज में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि महिलाएं खुद को अकेला महसूस न करें।

उनकी इस ईमानदार बातचीत को  पर काफी सराहना मिल रही है। कई लोगों ने उनके साहस की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की खुली बातचीत समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद करती है।