Thursday, 26 February 2026

क्या आप भी गिनकर बनाते हैं रोटियां? वास्तु के अनुसार क्यों माना जाता है इसे अशुभ संकेत


  Vastu Tips For Kitchen: घर की रसोई को सिर्फ भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार रसोई से जुड़ी छोटी-छोटी आदतें भी घर की सुख-समृद्धि पर असर डालती हैं। इन्हीं में से एक आदत है रोटियां गिनकर बनाना।

भोपाल के ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, जितने सदस्य उतनी ही रोटियां बनाना अभाव की मानसिकता का प्रतीक माना जाता है। वास्तु मान्यताओं में अन्न को देवी का रूप माना गया है। अन्नपूर्णा को अन्न की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, इसलिए रसोई में कमी या गणना की भावना रखना शुभ नहीं समझा जाता।

  • अभाव की सोच का संकेत: गिनकर रोटियां बनाना इस बात का प्रतीक माना जाता है कि घर में अन्न सीमित है।

  • बरकत पर प्रभाव: मान्यता है कि इससे घर की समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।

  • अतिथि सत्कार की भावना: भारतीय परंपरा में अतिथि को देवता माना गया है, इसलिए 1-2 रोटियां अतिरिक्त बनाना उदारता का प्रतीक है।

  • रोटियां 1-2 अधिक बनाएं।

  • ताजा आटे का उपयोग करें।

  • शांत मन से भोजन पकाएं।

  • बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों को दान करें।

मान्यताओं के अनुसार, अन्न का सम्मान और सकारात्मक सोच घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

कांटेदार और साधारण दिखने वाला ऐलोवेरा, लेकिन फायदे जानकर रह जाएंगे दंग


 


  अक्सर घरों में गमले में लगा कांटेदार सा दिखने वाला ऐलोवेरा नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यही पौधा सेहत और सुंदरता का खजाना है। Aloe vera की पत्तियों के अंदर पाया जाने वाला पारदर्शी जेल विटामिन A, C, E, B12, फोलिक एसिड, एंजाइम, मिनरल और अमीनो एसिड से भरपूर होता है। सही मात्रा में इसका उपयोग कई समस्याओं में लाभ पहुंचा सकता है।

  • नेचुरल मॉइश्चराइज़र: त्वचा को बिना चिपचिपाहट के हाइड्रेट रखता है।

  • सनबर्न में राहत: इसकी ठंडी तासीर धूप से झुलसी त्वचा को आराम देती है।

  • मुहांसों में असरदार: एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पिंपल्स कम करने में मदद करते हैं।

  • एंटी-एजिंग प्रभाव: एंटीऑक्सीडेंट झुर्रियों को कम कर त्वचा में निखार लाते हैं।

  • डैंड्रफ से छुटकारा: एंटीफंगल गुण खुजली और रूसी को कम करते हैं।

  • बालों की मजबूती: स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर जड़ों को मजबूत करता है।

  • नेचुरल कंडीशनर: बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है।

ऐलोवेरा जूस सीमित मात्रा में लेने से पाचन बेहतर होता है, कब्ज में राहत मिलती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। कुछ शोधों में यह वजन और ब्लड शुगर नियंत्रण में भी सहायक माना गया है।

ध्यान रखें: अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदेह हो सकता है। गर्भवती महिलाएं या किसी बीमारी से ग्रसित लोग डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

बिना स्नान पूजा क्यों नहीं मानी जाती पूर्ण? शास्त्र और विज्ञान दोनों बताते हैं स्नान का महत्व


  मिर्जापुर। पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार से पहले स्नान करना क्यों जरूरी माना गया है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। विंध्यधाम के विद्वान ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि के अनुसार, शास्त्रों में स्नान को नित्यकर्म का अनिवार्य हिस्सा बताया गया है।

गरुड़ पुराणमनुस्मृति और एकलव्य स्मृति जैसे ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि बिना स्नान के देव पूजन, जप या हवन करने से पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती। शास्त्रों के अनुसार स्नान शरीर और मन की शुद्धि का माध्यम है। जब मन शुद्ध होता है, तब भक्ति, एकाग्रता और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है।

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि स्नान से केवल बाहरी स्वच्छता ही नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता का भी अनुभव होता है। जल तत्व को पवित्रता और ऊर्जा का स्रोत माना गया है। स्नान के बाद शरीर में नई चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे पूजा का प्रभाव बढ़ता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी स्नान को लाभकारी माना गया है। सुबह स्नान करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, मानसिक ताजगी मिलती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। यही कारण है कि स्नान को पूजा का पहला और महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है प्रोटीन? जानिए शाकाहारियों के लिए बेस्ट सोर्स, कमजोरी होगी दूर


 स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। विटामिन और मिनरल्स के साथ-साथ प्रोटीन भी एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसकी कमी से शरीर कमजोर होने लगता है। प्रोटीन मांसपेशियों (मसल्स) के निर्माण, त्वचा की सेहत, बालों और नाखूनों की मजबूती के लिए अहम भूमिका निभाता है। बच्चों की ग्रोथ, टिश्यू रिपेयर, एंजाइम और हार्मोन बनाने में भी इसकी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है।

अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, थकान महसूस होती है और इम्यून सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में रोजाना की डाइट में सही मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी है।

शाकाहारी लोगों को प्रोटीन के लिए नॉनवेज पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। कई पौध-आधारित खाद्य पदार्थों में भरपूर प्रोटीन पाया जाता है, जैसे:

बाप रे बाप! 9 साल की मेहनत से तैयार ‘अजय राज’ गेहूं, 6.5 फीट ऊंची फसल, आंधी-बारिश में भी अडिग


 नई दिल्ली/सीकर। गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान के सीकर निवासी किसान विकास कुमार सैनी ने 9 वर्षों की मेहनत के बाद ‘अजय राज’ नामक गेहूं की नई वैरायटी विकसित की है। यह किस्म करीब 6.5 फीट ऊंची बताई जा रही है और दावा किया जा रहा है कि आंधी, बारिश और तेज हवाओं में भी फसल आसानी से नहीं गिरती।

विकास कुमार सैनी हाल ही में अपनी इस विशेष किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान लेकर पहुंचे, जहां इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जा रहा है कि यह गेहूं पोषण से भरपूर, स्वाद में बेहतर और मौसम के प्रतिकूल प्रभावों को सहन करने में सक्षम है।

किसान का दावा है कि यदि यह किस्म बड़े स्तर पर अपनाई जाती है तो पारंपरिक किस्मों की तुलना में किसानों को दोगुना नहीं बल्कि तीन गुना तक लाभ मिल सकता है। यही वजह है कि इसे ‘सुपर फूड’ गेहूं भी कहा जा रहा है।

विकास सैनी ने इस वैरायटी पर अपने अधिकार सुरक्षित रखने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैराइटीज एंड फार्मर्स राइट्स अथॉरिटी में आवेदन भी किया है, ताकि भविष्य में इस पर उनका स्वामित्व सुनिश्चित रहे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह किस्म सभी परीक्षणों पर खरी उतरती है, तो यह गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।

इजरायल में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, सारा नेतन्याहू के भगवा परिधान ने खींचा ध्यान


  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर इजरायल पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ दिखाई दी। उन्होंने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया, जो भारत-इजरायल के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।

इस दौरान एक दिलचस्प दृश्य ने सबका ध्यान खींचा। सारा नेतन्याहू भगवा रंग की ड्रेस में नजर आईं। भारतीय संस्कृति में भगवा रंग त्याग, आध्यात्मिकता और साहस का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उनके इस परिधान को लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों और सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे भारत के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव का संकेत बताया।

भारत और इजरायल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी का यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी।

प्रमुख धर्माचार्य दिल्ली में होंगे एकत्रित

 


37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन में विश्व के प्रमुख धर्माचार्य दिल्ली में होंगे एकत्रित


नई दिल्ली, योगराज शर्मा : 37वां अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन 28 फरवरी, 2026 से शुरू हो रहा है। जिसमें विश्वभर के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक गुरु दो दिन के ध्यान-अभ्यास, सेमिनार और आध्यात्मिक जानकारी के विचार-विमर्श के लिए दिल्ली के कृपाल बाग़ में इकट्ठा होंगे। हर साल, सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंह जी महाराज की अध्यक्षता में होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन में भारत और दुनिया भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
यह सम्मेलन प्रत्येक वर्ष फरवरी में परम संत कृपाल सिंह जी महाराज (1894-1974) के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करने के लिए आयोजित किया जाता है, जिनका प्रकाश पर्व 6 फरवरी को होता है। परम संत कृपाल सिंह जी महाराज विश्व धर्म परिषद के संस्थापक अध्यक्ष थे, जिन्होंने फरवरी 1974 में पहला मानव एकता सम्मेलन आयोजित किया था।
मानव एकता विषय पर आधारित, 37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन में आध्यात्मिक सेमिनार, प्रतिदिन ध्यान-अभ्यास की कार्यशालाएं और कई तरह की मानव-कल्याण से संबंधित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
सम्मेलन के पहले दिन की शुरुआत संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के ‘ध्यान-अभ्यास-एक आनंदमय जीवन का कुंजी’ विषय पर प्रवचन से होगी। इसके अलावा दुनिया भर के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरुओं के साथ-साथ अनेक धर्मों के धार्मिक नेता और कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे, जो ध्यान-अभ्यास विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन के आखिरी दिन, 1 मार्च, 2026 को, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ‘कृपाल - आध्यात्मिकता के प्रकाश स्तंभ’ विषय पर अपना प्रभावशाली प्रवचन देंगे, जिसमें वे परम संत कृपाल सिंह जी महाराज के आदर्श जीवन पर प्रकाश डालेंगे। उनके पश्चात अन्य वक्ता और विदेशों से आए प्रतिनिधि भी सम्मेलन में अपने विचार रखेंगे और महान संत कृपाल सिंह जी महाराज की याद को ताज़ा करेंगे।

37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन के दौरान समाज की निःस्वार्थ सेवा की भावना से कई तरह की मानव-कल्याण से संबंधित गतिविधियाँ भी आयोजित जाएंगी। 22 फरवरी को 42वां निःशुल्क नेत्र जाँच और मोतियाबिन्द ऑपरेशन शिविर कृपाल बाग में आयोजित किया गया, जहाँ अमेरिका के वॉलंटियर डॉक्टरों ने आई केयर, आँखों के अस्पताल, नोएडा के डॉक्टरों के साथ मिलकर फ्री में मरीजों की आँखों का ऑपरेशन किया, जिससे लोगों की आँखों की रोशनी वापिस आई। पिछले कुछ सालों में, आँखों के इन शिविरों से 19,000 से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है।

सावन कृपाल रूहानी मिशन की ओर से 28 फरवरी, 2026 को वस्त्र वितरण शिविर और 1 मार्च, 2026 को 66वें रक्तदान शिविर का भी आयोजन कृपाल बाग में किया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली के गैर सरकारी संगठनों और कई वृद्धाश्रमों में मुफ्त दवाइयाँ, फल और अन्य दूसरी जरूरी चीजें बाँटी जाएँगी।

Tuesday, 24 February 2026

आर. डी. इंटरनेशनल स्कूल के समारोह प्रतिभाओ का सम्मान


नई दिल्ली , आर. डी. इंटरनेशनल स्कूल पॉकेट 9 & 13 सेक्टर 21, रोहिणी दिल्ली में आज अपना वार्षिक बड़ी धूम-धाम से मनाया । समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रीमती ओमशीला, सत्यवीर सिंह भास्कर, अतिथि के रूप में उपस्थित थे । स्कूल स्टाफशिक्षकशिक्षिकाएंप्रिंसिपलस्थानीय गणमान्य लोगछात्र-छात्राएं सहित भारी संख्या में अभिभावक गण मौजूद थे । स्कूल के छात्र-छात्राओं ने आकर्षकमनमोहकसांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए | स्कूल के चेयरमैनश्री राहुल ढाका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की | इस अवसर पर स्कूल के लिए बड़े गर्व की बात है की स्कूल के छात्रों ने गोल्ड, सिल्वर, पदक भी जीते |

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए | स्कूल की प्रिंसिपल योगिता ढाका, ने कहा कि इस आर. डी. इंटरनेशनल स्कूल को स्वर्गीय श्री जयकिशन जीव श्रीमती सुशीला जयकिशनराहुल ढाकावरुण ढाकावरुणा ढाकाव स्टाफ ने अपनी मेहनत से खड़ा किया है | इसी दौरान पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय श्री जय किशन जी की याद किया व  हमें हमेसा उनके मार्गदर्शन पे चलना चाहिए | मैं उनका अभिनंदन करती हूं । आजका दिन छात्रों के लिए तो महत्वपूर्ण होता ही है अभिभावकों के लिए उससे भी अधिक महत्वपूर्ण होता है |

उन्होंने कहा कि आज-कल जो क्राइम बढ़ रहे है उनसे अपने बच्चों को दूर रखते हुए उन्हे अच्छा नागरिक बनाएं । उन्होंने कहा कि जीत के लिए जुनून चाहिए । कार्यक्रम को श्रीमति ओमशीला, सत्यवीर सिंह भास्कर आदि ने भी संबोधित किया और छात्र-छात्राओं को मनोबल बढ़ाया । अपने देश व स्कूल का नाम रोशन करें बच्चों के माता-पिता को भी अपने बच्चों का खेल के लिए प्रोत्साहन करें  | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल के चेयरमैन राहुल ढाका ने आमंत्रित अतिथियों का आभार प्रकट किया व भारी संख्या में मौजूद अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि आपके  सहयोग से मैं बहुत उत्साहित हूं जिसमें पिछले शैक्षणिक वर्ष की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया गया । मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की और छात्रों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। शारीरिक शिक्षा के अतिरिक्त विदेशी भाषाओं की पढ़ाई भी इसी स्कूल में पढ़ाई जाती है । अंत मेंमेधावी छात्रों को शिक्षाखेल और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में पूर्व विधायका सुशीला जय किशनराहुल ढाकायोगिता ढाकावरुण ढाकावरुणा ढाकास्कूल स्टाफ, आदि की प्रमुख भूमिका रही |

 

Saturday, 21 February 2026

स्टेशन पर सिर झुकाए बैठा था यात्री, भारी थैला देख GRP को हुआ शक; बैग खुलते ही सामने आया सच


 त्योहारों के मद्देनज़र रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। इसी क्रम में Government Railway Police (GRP) और Railway Protection Force (RPF) की टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। प्लेटफॉर्म पर सिर झुकाए बैठे एक युवक और उसके पास रखे भारी थैले ने जवानों का ध्यान खींचा।

जब उससे थैले के बारे में पूछा गया तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे पकड़ लिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 16 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

घटना Deen Dayal Upadhyaya Junction (डीडीयू रेलवे स्टेशन) की है, जहां हाल के दिनों में हवाला से जुड़े मामलों में नकदी पकड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम वाराणसी से बिहार के डेहरी ऑन सोन ले जाई जा रही थी।

GRP और RPF की संयुक्त कार्रवाई में युवक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में हवाला कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी किसकी है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

त्योहारों के चलते स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।

खान सर का यूनिवर्सिटी बनाने का सपना टूटा, खरीदी हुई जमीन बेचनी पड़ी


 पटना। बिहार के चर्चित शिक्षक Khan Sir का कोईलवर में विशाल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है। बड़े और सस्ते अस्पताल की पहल के बाद वे अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें खरीदी हुई जमीन तक बेचनी पड़ रही है।

खान सर का सपना था कि पटना से सटे Koilwar इलाके में लगभग 1000 एकड़ जमीन पर एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी कैंपस विकसित किया जाए। इस परियोजना में करीब 25,000 छात्रों के पढ़ने और रहने की व्यवस्था का खाका तैयार किया गया था।

उन्होंने कई जमीन मालिकों से बातचीत कर मार्केट रेट से अधिक कीमत पर सौदे तय किए थे। जानकारी के मुताबिक, 10-15 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री भी पूरी हो चुकी थी और एडवांस राशि दी जा चुकी थी।

खान सर का कहना है कि यूनिवर्सिटी खुलने से क्षेत्र का व्यापक विकास होता, रोजगार के अवसर बढ़ते और शिक्षा का नया केंद्र बनता। लेकिन परिस्थितियां उनके मुताबिक ऐसी बन गईं कि प्रोजेक्ट आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार “टॉर्चर” किया गया, जिससे उनका मनोबल टूट गया। अंततः उन्हें खरीदी गई जमीन भी बेचने का फैसला करना पड़ा

कोइलवर की बेहतर कनेक्टिविटी और पटना के नजदीक होने के कारण इस प्रोजेक्ट को क्षेत्र के लिए गेमचेंजर माना जा रहा था। हालांकि फिलहाल यह सपना अधूरा रह गया है।

अब यह देखना होगा कि भविष्य में खान सर शिक्षा के क्षेत्र में किसी नई योजना के साथ सामने आते हैं या नहीं।

ckie Shroff ने Nutan को किया याद, डेथ एनिवर्सरी पर पुराने गाने से दी श्रद्धांजलि


  मुंबई। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री नूतन की पुण्यतिथि पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया के जरिए जैकी ने नूतन को याद करते हुए एक खास पोस्ट साझा किया, जिसमें उनकी तस्वीरों का कोलाज और एक पुराना ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो शामिल था।

यह वीडियो उनके चर्चित गीत ‘वो चांद खिले, वो तारे मुस्कुराए’ का है, जिसमें नूतन अपनी सादगी, भावनात्मक अभिव्यक्ति और नैसर्गिक अभिनय से पर्दे पर छाई नजर आती हैं। जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “नूतन जी की डेथ एनीवर्सरी पर हम उन्हें याद करते हैं।”

मुंबई में जन्मीं नूतन ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। उन्होंने ऐसी फिल्मों में काम किया, जो समाज के गंभीर और संवेदनशील मुद्दों को उठाती थीं।


फिल्म सुजाता’ में उन्होंने एक अनाथ दलित लड़की का किरदार निभाकर सामाजिक भेदभाव पर गहरी चोट की थी, जबकि ‘बंदिनी’ में कैदी की भूमिका ने उन्हें अपार सराहना दिलाई। अपने दौर में उन्होंने महिला-केंद्रित कहानियों को नई ऊंचाई दी और मजबूत किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।

नूतन को उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले। आज उनकी पुण्यतिथि पर फिल्म जगत और उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धा से याद कर रहे हैं।

सिर्फ लोन का ब्याज नहीं: इन 7 तरीकों से कमाई करते हैं बैंक, समझिए रेवेन्यू का पूरा गणित




 नई दिल्ली। आम धारणा है कि बैंक केवल लोन पर मिलने वाले ब्याज से कमाते हैं। होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन पर वसूला गया ब्याज निश्चित रूप से उनकी आय का अहम हिस्सा होता है, लेकिन बैंकों की कमाई का दायरा इससे कहीं अधिक व्यापक है। आज बैंक ‘नॉन-इंटरेस्ट इनकम’ यानी ब्याज के अलावा मिलने वाली आय पर भी काफी हद तक निर्भर हैं। यही वजह है कि ब्याज दरों में कमी या रेपो रेट घटने के बावजूद बैंक मुनाफा दर्ज करने में सक्षम रहते हैं।

देश के प्रमुख बैंक जैसे State Bank of IndiaHDFC Bank और ICICI Bank की आय संरचना पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि उनका बिजनेस मॉडल बहुआयामी हो चुका है।

लोन पर लिया गया ब्याज अब भी बैंकों की आय का बड़ा स्रोत है। खुदरा, कॉरपोरेट और एमएसएमई सेक्टर को दिए गए कर्ज पर मिलने वाला ब्याज बैंकिंग राजस्व की बुनियाद बनाता है।

किसी भी लोन की मंजूरी के समय बैंक प्रोसेसिंग फीस लेते हैं। इसके अतिरिक्त समय से पहले लोन चुकाने पर प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर शुल्क भी लगाया जाता है। ये शुल्क एकमुश्त होते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बैंक के लिए उल्लेखनीय आय का स्रोत बनते हैं।

टॉप 10 में बड़ा उलटफेर! बॉलीवुड एक्ट्रेसेस पर भारी पड़ीं साउथ की सितारें, नंबर 1 पर इस अभिनेत्री का कब्जा


  जनवरी 2026 की मोस्ट पॉपुलर एक्ट्रेसेस की लिस्ट सामने आ गई है और इस बार रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Ormax Media द्वारा जारी की गई इस लिस्ट में साउथ इंडस्ट्री की अभिनेत्रियों ने दबदबा कायम किया है, जबकि कई बॉलीवुड एक्ट्रेसेस पीछे रह गईं।

हर महीने जारी होने वाली इस लोकप्रियता सूची में सोशल मीडिया चर्चा, फैन फॉलोइंग और पब्लिक एंगेजमेंट जैसे कई पैमानों को ध्यान में रखा जाता है। जनवरी 2026 की रैंकिंग में नंबर 1 पोजिशन पर साउथ की एक चर्चित अभिनेत्री ने कब्जा जमाया है, जिन्होंने हालिया रिलीज फिल्मों और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर दर्शकों का दिल जीता।

लिस्ट में यह भी देखा गया कि पैन-इंडिया फिल्मों के बढ़ते प्रभाव का सीधा फायदा साउथ की हसीनाओं को मिला है। उनकी फिल्मों की सफलता और देशभर में बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें नेशनल लेवल पर पहचान दिलाई है।

वहीं, बॉलीवुड की कुछ स्थापित एक्ट्रेसेस इस बार टॉप 5 से बाहर नजर आईं, जो इंडस्ट्री में बदलते ट्रेंड का संकेत माना जा रहा है।

यह लिस्ट साफ दिखाती है कि दर्शकों की पसंद तेजी से बदल रही है और कंटेंट के साथ-साथ स्टार पावर भी नए सिरे से परिभाषित हो रही है।

अहान पांडे का धमाकेदार एक्शन अवतार, मार्च से शुरू होगी अली अब्बास ज़फर की नई फिल्म


  फिल्म ‘सैयारा’ की सफलता के बाद अभिनेता Ahaan Panday अब एक बड़े एक्शन-रोमांस प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। इस अनाम फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर Ali Abbas Zafar करेंगे और इसकी शूटिंग मार्च से शुरू होने जा रही है।

फिल्म में अहान पांडे के साथ अभिनेत्री Sharvari Wagh लीड रोल में नजर आएंगी। दोनों की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर साथ दिखेगी, जिसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म में हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस के साथ इमोशनल रोमांस का भी तड़का होगा।

इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यह Yash Raj Films के साथ अली अब्बास ज़फर की वापसी भी मानी जा रही है। इससे पहले वह इस बैनर के साथ कई सफल फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं।

फिल्म की शूटिंग मुंबई और लंदन जैसे खूबसूरत लोकेशनों पर की जाएगी। मेकर्स इसे बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी में हैं, ताकि दर्शकों को इंटरनेशनल स्तर का एक्शन और रोमांस देखने को मिल सके।

अब फैंस को बेसब्री से फिल्म के टाइटल, फर्स्ट लुक और रिलीज डेट का इंतजार है।

8 मार्च को असम में कांग्रेस को बड़ा झटका? भूपेन बोरा ने राहुल की लाइन से अलग कदम बढ़ाए, अमित शाह से की मुलाकात


 


 असम की राजनीति में 8 मार्च को बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके वरिष्ठ नेता Bhupen Bora ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात कर सियासी हलचल तेज कर दी है। इस मुलाकात को लेकर राज्य की राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं।

मीडिया से बातचीत में भूपेन बोरा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के कहने पर शिष्टाचार भेंट के लिए अमित शाह से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, उनके इस कदम को कांग्रेस नेतृत्व की लाइन से अलग माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi लगातार बीजेपी पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।

Indian National Congress से इस्तीफे के बाद भूपेन बोरा की अगली राजनीतिक रणनीति क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर उन्होंने औपचारिक रूप से पाला बदला, तो Assam में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है।

फिलहाल भूपेन बोरा ने किसी नई पार्टी में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनकी अमित शाह से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। आने वाले दिनों में असम की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

टिफिन के लिए झटपट तैयार हेल्दी स्नैक्स, मिलेंगे भरपूर विटामिन और मिनरल्स


  आजकल 9 से 12 घंटे की लंबी ऑफिस शिफ्ट में काम करते हुए अक्सर मिड-डे क्रेविंग होने लगती है। ऐसे में अगर साथ में हेल्दी स्नैक्स न हों, तो लोग बाहर की तली-भुनी और अनहेल्दी चीजें खाने लगते हैं, जो धीरे-धीरे सेहत पर बुरा असर डालती हैं। इसलिए जरूरी है कि टिफिन में ऐसे स्नैक्स पैक किए जाएं जो जल्दी बन जाएं और पोषण से भरपूर भी हों।

भुने हुए चने या मखाने बेहतरीन विकल्प हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं। स्प्राउट्स सलाद भी एक अच्छा ऑप्शन है, जिसमें अंकुरित मूंग या चना, टमाटर, खीरा और नींबू मिलाकर स्वादिष्ट और पौष्टिक स्नैक तैयार किया जा सकता है।

फ्रूट चाट या कटे हुए मौसमी फल विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इसके अलावा पीनट बटर के साथ मल्टीग्रेन ब्रेड, उबले अंडे, या घर का बना वेज सैंडविच भी प्रोटीन और एनर्जी का अच्छा स्रोत है।

इन स्नैक्स की खास बात यह है कि ये जल्दी तैयार हो जाते हैं, टिफिन में आसानी से पैक किए जा सकते हैं और शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन प्रदान करते हैं। हेल्दी स्नैकिंग की आदत न केवल वजन को कंट्रोल में रखती है, बल्कि पूरे दिन एनर्जेटिक बनाए रखने में भी मदद करती है।

राजा शिवाजी का फर्स्ट लुक जारी, विकी कौशल का ‘आबासाहेब’ कमेंट बना चर्चा का केंद्र


 छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर अभिनेता-निर्देशक Riteish Deshmukh ने अपनी ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ का फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। इस फिल्म में रितेश देशमुख न सिर्फ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी भी खुद संभाल रहे हैं। पोस्टर में शिवाजी महाराज के साहस, तेजस्विता और स्वाभिमान की झलक दिखाई देती है, जिसने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। खासकर तब, जब बॉलीवुड अभिनेता Vicky Kaushal ने इस पर कमेंट करते हुए सिर्फ एक शब्द लिखा – “आबासाहेब”। उनका यह कमेंट तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने इसे सम्मान और गर्व से जोड़कर देखा। विकी कौशल इससे पहले ऐतिहासिक किरदार निभाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं, इसलिए उनका रिएक्शन और भी खास माना जा रहा है।

‘राजा शिवाजी’ में छत्रपति Shivaji महाराज के जीवन, संघर्ष और स्वराज के संकल्प को बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने की तैयारी है। फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता है और अब सभी की नजरें इसके टीज़र और रिलीज डेट पर टिकी हैं।

दिसंबर तिमाही में सिप्ला का मुनाफा 57% घटा, अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर


  दवा कंपनी Cipla ने दिसंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल आधार पर 57 प्रतिशत घटकर 676 करोड़ रुपये रह गया।

कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी बाजार में बिक्री में कमी का सीधा असर मुनाफे पर पड़ा है। अमेरिका सिप्ला के लिए प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है। वहां जेनेरिक दवाओं की कीमतों पर दबाव और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से राजस्व प्रभावित हुआ।

फार्मा कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां जेनेरिक दवाओं की बड़ी मांग रहती है। हालांकि हाल के महीनों में प्राइस प्रेशर और नियामकीय चुनौतियों के चलते भारतीय दवा कंपनियों की आय पर असर देखा गया है।

कंपनी अब घरेलू बाजार और अन्य अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में प्रदर्शन मजबूत करने पर जोर दे रही है। साथ ही नए प्रोडक्ट लॉन्च और लागत नियंत्रण उपायों के जरिए मार्जिन सुधारने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में अमेरिकी बाजार की स्थिति और नई दवाओं की बिक्री कंपनी के प्रदर्शन के लिए अहम होगी।

मुन्ना भाई एमबीबीएस के दौरान बदली किस्मत, अरशद वारसी ने किया बड़ा खुलासा


 बॉलीवुड अभिनेता Arshad Warsi ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने फिल्म Munna Bhai M.B.B.S. में ‘सर्किट’ का किरदार किसी खास योजना के तहत नहीं, बल्कि मजबूरी में किया था।

अरशद ने बताया कि उस समय उनके पास ज्यादा काम नहीं था और वे ऐसी स्थिति में नहीं थे कि प्रोजेक्ट ठुकरा सकें। उन्होंने कहा कि आर्थिक और पेशेवर हालात ऐसे थे कि जो अच्छा काम मिला, उसे स्वीकार करना ही बेहतर विकल्प था।

फिल्म में सर्किट का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि वह आज भी उनके करियर की पहचान बना हुआ है। Sanjay Dutt के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा।

अरशद के मुताबिक, इसी फिल्म के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनकी मार्केट वैल्यू बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की सफलता के बाद वे 1 करोड़ रुपये तक की फीस चार्ज करने की स्थिति में आ गए थे।

राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाई, बल्कि अरशद वारसी को भी इंडस्ट्री में नई पहचान दिलाई। ‘सर्किट’ का किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक किरदारों में गिना जाता है।

अरशद वारसी का यह बयान बताता है कि कभी-कभी मजबूरी में लिया गया फैसला भी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन जाता है।

IMD Rainfall Alert: 21–22 फरवरी को दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी


  भारत मौसम विज्ञान विभाग India Meteorological Department (IMD) ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 21 और 22 फरवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया है।

  • Tamil Nadu के दक्षिणी जिलों में 21 व 22 फरवरी को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

  • Kerala और माहे में इन दो दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

IMD के अनुसार, केरल और आसपास के क्षेत्रों में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

  • खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।

  • बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न रुकें।

  • मछुआरे समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें।

IMD ने बताया है कि मौसम में यह बदलाव क्षेत्र में सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली और नमी के कारण हो रहा है। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर राहत व्यवस्था सक्रिय की जाएगी।

गौ रक्षा को लेकर ‘धर्म युद्ध’ का ऐलान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जारी किया पोस्टर


 प्रयागराज। माघ मेला विवाद के बाद अब गौ रक्षा के मुद्दे पर Swami Avimukteshwaranand Saraswati एक बार फिर चर्चा में हैं। शंकराचार्य ने एक पोस्टर जारी कर ‘धर्म युद्ध’ का ऐलान किया है और 1 मार्च को औपचारिक घोषणा करने की बात कही है।

जारी पोस्टर में महाभारत की शैली में दो पक्ष दर्शाए गए हैं—

  • एक ओर गौ रक्षा के समर्थन में खड़े लोग

  • दूसरी ओर विरोध करने वालों को दिखाया गया है

शंकराचार्य ने इसे धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई बताया है। उनके मुताबिक, यह अभियान गौ रक्षा के समर्थन में जनजागरण के उद्देश्य से चलाया जाएगा।

पोस्टर में Ravindra Puri, जो Akhil Bharatiya Akhara Parishad के अध्यक्ष हैं, को विपक्ष की सूची में दर्शाया गया है। शंकराचार्य ने उन्हें ‘कालनेमि’ की संज्ञा दी है।

इस कदम के बाद साधु-संत समाज में मतभेद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

गौ रक्षा के मुद्दे पर यह पोस्टर सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे आस्था और परंपरा की रक्षा का अभियान बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे अनावश्यक टकराव की स्थिति मान रहे हैं।

फिलहाल, 1 मार्च को प्रस्तावित घोषणा के बाद इस मामले की दिशा और स्पष्ट हो पाएगी।

क्या अमेरिकी कोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सजा दे सकता है?


 हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा Donald Trump की वैश्विक टैरिफ नीति को रद्द किए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका की अदालतें किसी मौजूदा राष्ट्रपति को सजा भी सुना सकती हैं? आइए अमेरिकी संविधान की व्यवस्था को सरल भाषा में समझते हैं।

अमेरिका का संविधान (U.S. Constitution) तीन स्तंभों पर आधारित है—

  1. कार्यपालिका (President)

  2. विधायिका (Congress)

  3. न्यायपालिका (Courts)

इनके बीच Checks and Balances की व्यवस्था है, यानी कोई भी शाखा पूरी तरह सर्वोच्च नहीं है।

अगर राष्ट्रपति का कोई आदेश संविधान के खिलाफ पाया जाता है, तो Supreme Court of the United States उसे रद्द कर सकता है। यही हालिया टैरिफ मामले में हुआ।

यह विषय अमेरिका में बहस का मुद्दा रहा है।

  • अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की पुरानी राय रही है कि पद पर रहते हुए राष्ट्रपति पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए

  • लेकिन यह स्पष्ट रूप से संविधान में लिखा नहीं है—यह व्याख्या पर आधारित है।

अगर किसी राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप हों, तो कार्रवाई का पहला कदम अदालत नहीं बल्कि United States Congress उठाती है।

रंगभरी एकादशी 2026: कब है, क्यों खास है यह व्रत?


  Rangbhari Ekadashi 2026 Date: फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी रंग और गुलाल से जुड़ा अनूठा पर्व है। आमतौर पर सभी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होते हैं, लेकिन इस दिन पूजा होती है भगवान शिव और माता पार्वती की। यही वजह है कि यह तिथि विशेष रूप से काशी में भव्य रूप से मनाई जाती है।

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को रात 12:33 बजे होगा और उसी दिन रात 10:32 बजे समाप्त हो जाएगी।
उदयातिथि के आधार पर रंगभरी एकादशी 27 फरवरी 2026 को ही मनाई जाएगी।

जहां अन्य एकादशी व्रतों में भगवान विष्णु की आराधना की जाती है, वहीं रंगभरी एकादशी शिव-पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि विवाह के बाद माता पार्वती पहली बार काशी आई थीं। उसी अवसर की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।

काशी में स्थित Kashi Vishwanath Temple में इस दिन बाबा विश्वनाथ और माता गौरी का विशेष श्रृंगार होता है। उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित किया जाता है और फिर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। श्रद्धालु रंग और गुलाल से शिव-शक्ति का स्वागत करते हैं।

Friday, 20 February 2026

इंदौर का जैविक ग्रामीण हाट बाजार: हर वीकेंड ताजी ऑर्गेनिक सब्जियां, नोट करें दिन और समय


 Indore में अगर आप ताजी और जैविक सब्जियां खरीदना चाहते हैं, तो ग्रामीण हाट बाजार आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहां सीधे खेतों से लाई गई ऑर्गेनिक सब्जियां और फल बिना किसी बिचौलिए के ग्राहकों तक पहुंचते हैं। यह बाजार ढक्कन वाला कुआं क्षेत्र में आयोजित किया जाता है और हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।

कृषि विभाग की अधिकारी शैली थॉमस के अनुसार, जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक सीधा मंच देना जरूरी था। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने इस ग्रामीण हाट बाजार की शुरुआत की, ताकि किसान अपनी उपज सीधे ग्राहकों को बेच सकें और उचित दाम पा सकें।

यह बाजार हर शनिवार और रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक खुलता है। यहां सिर्फ ताजी सब्जियां और फल ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक तरीके से उगाई और तैयार की गई हल्दी, पोहा, मिलेट्स और अन्य उत्पाद भी उपलब्ध रहते हैं।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब रासायनिक खाद और कीटनाशकों से उगाई गई सब्जियों से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में यह जैविक बाजार उपभोक्ताओं और किसानों दोनों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है।

पहाड़ों में उगने वाली ‘निर्गुंडी’ का कमाल! पैरालिसिस, सूजन और दर्द में देसी नुस्खा


  Sidhi जिले के विंध्य क्षेत्र की पहाड़ियों में उगने वाला निर्गुंडी पौधा इन दिनों चर्चा में है। स्थानीय लोग इसे औषधीय गुणों से भरपूर मानते हैं और पारंपरिक इलाज में इसका व्यापक उपयोग करते हैं। आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के मुताबिक, निर्गुंडी के पत्तों में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो सूजन, दर्द और संक्रमण में लाभकारी माने जाते हैं।

डॉ. सिंह ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार तीन सप्ताह तक रोजाना निर्गुंडी के पत्तों से ‘झलकी’ यानी हवा दी जाए, तो पक्षाघात (पैरालिसिस) के लक्षणों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में प्रभावित अंगों पर पत्तों से नियमित रूप से हवा दी जाती है। ग्रामीणों का मानना है कि इससे नसों में संचार बेहतर होता है और जकड़न कम होती है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से निर्गुंडी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसका उपयोग जोड़ों के दर्द, सूजन और अन्य शारीरिक तकलीफों में किया जाता रहा है। कई आयुर्वेदिक औषधियों में भी इसे प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाता है।

हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में पैरालिसिस पर इसके प्रभाव को लेकर व्यापक वैज्ञानिक पुष्टि सीमित है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गंभीर बीमारियों में किसी भी घरेलू या पारंपरिक उपचार को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

प्ले स्कूल की फीस पर बवाल: IIT बॉम्बे ग्रेजुएट बोला— 4 साल की इंजीनियरिंग से महंगी नर्सरी!



  मुंबई में प्ले स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। Indian Institute of Technology Bombay (IIT बॉम्बे) से पासआउट एक पूर्व छात्र ने दावा किया है कि उसकी चार साल की इंजीनियरिंग की कुल फीस, शहर के एक नामी प्ले स्कूल की एक साल की फीस से भी कम थी। यह टिप्पणी सामने आते ही इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गई।

ग्रेजुएट ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उसने IIT बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान जितनी फीस चार साल में चुकाई, उससे लगभग दोगुनी रकम आज एक प्री-स्कूल एक साल के लिए वसूल रहा है। इसके बाद कई अभिभावकों ने भी निजी स्कूलों की बढ़ती फीस, एडमिशन चार्ज, एक्टिविटी फीस और अन्य अतिरिक्त खर्चों पर सवाल उठाए।

कुछ यूजर्स का कहना है कि महानगरों में प्री-स्कूल अब ‘ब्रांडेड एजुकेशन’ का हिस्सा बन गए हैं, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, एयर-कंडीशंड क्लासरूम और इंटरनेशनल करिकुलम के नाम पर भारी शुल्क लिया जाता है। वहीं, कई लोगों ने तर्क दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि निजी प्ले स्कूल पूरी तरह निजी निवेश पर चलते हैं, इसलिए तुलना पूरी तरह समान नहीं है।

फिलहाल यह मुद्दा ऑनलाइन बहस का विषय बना हुआ है और अभिभावक शिक्षा की बढ़ती लागत पर चिंता जता रहे हैं।

गाजा पुनर्निर्माण के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत पर्यवेक्षक के रूप में शामिल, वॉशिंगटन में उपराजदूत ने किया प्रतिनिधित्व


 Donald Trump द्वारा गाजा के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत ने प्रत्यक्ष सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भागीदारी की। इस पहल का उद्देश्य संघर्ष प्रभावित गाजा क्षेत्र में पुनर्निर्माण, मानवीय सहायता और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया है।

भारत की ओर से वॉशिंगटन डीसी में उपराजदूत नामग्या सी खंपा ने बैठक में हिस्सा लिया। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारत ने क्षेत्र में स्थिरता, मानवीय सहायता और दीर्घकालिक शांति प्रयासों का समर्थन दोहराया, लेकिन औपचारिक सदस्यता से दूरी बनाए रखी। भारत परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया के मुद्दों पर संतुलित और स्वतंत्र रुख अपनाता रहा है।

‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गाजा में पुनर्निर्माण परियोजनाओं, वित्तीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के समन्वय के मंच के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इस पहल को लेकर अलग-अलग देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसकी संरचना व अधिकार-क्षेत्र को लेकर भी चर्चा जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होकर भारत ने कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है, जिससे वह मानवीय प्रयासों का समर्थन भी कर सके और क्षेत्रीय जटिलताओं से सीधे तौर पर न जुड़े।

महाराष्ट्र में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का मामला, तीन आरोपी गिरफ्तार; ‘लव जिहाद’ एंगल की भी जांच


 Maharashtra के Ahilyanagar जिले के Rahuri क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार 15 वर्षीय एक लड़की का कथित रूप से अपहरण कर उसे जंगल में ले जाया गया, जहां पांच दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है और उसके बयान के आधार पर आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

स्थानीय स्तर पर कुछ संगठनों ने इस घटना में ‘लव जिहाद’ का एंगल होने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पुष्टि की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कानून के मुताबिक कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

‘वेश्यावृत्ति सामाजिक सेवा है’— अभिनेत्री मोना थीबा के बयान पर बवाल, माफी की मांग तेज


 गुजराती फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री Mona Thiba के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। राजकोट में अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा कि “वेश्यावृत्ति एक प्रकार की सामाजिक सेवा है” और इससे जुड़ी महिलाएं परोक्ष रूप से समाज की मदद करती हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न संगठनों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

अभिनेत्री के अनुसार, यदि यह पेशा न हो तो समाज में गंभीर अपराधों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, उनके इस तर्क की कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने कड़ी आलोचना की है। ‘विज्ञान जाथा’ के चेयरमैन Jayant Pandya ने इसे “मूर्खतापूर्ण” बताते हुए कहा कि किसी भी अनैतिक माने जाने वाले व्यवसाय की तुलना समाज सेवा से करना उचित नहीं है। वहीं लेउवा पाटीदार समाज के नेता Parsottam Pipaliya ने बयान को अत्यंत निंदनीय बताया और अभिनेत्री से सार्वजनिक स्पष्टीकरण या माफी की मांग की है।

बताया जा रहा है कि मोना थीबा इन दिनों 27 फरवरी को रिलीज होने वाली गुजराती फिल्म ‘शक्ति’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। हालांकि फिल्म की कहानी और इस बयान के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। फिलहाल उनके इस बयान ने बहस को जन्म दे दिया है और विरोध का स्वर तेज होता जा रहा है।

न गोला-बारूद, न मिसाइल… कैंची से जंग लड़ रहे यूक्रेनी सैनिक, ऐसे काट रहे रूस के ‘छोटे’ ड्रोन


 Russia और Ukraine के बीच जारी युद्ध में अब एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। खबर है कि यूक्रेनी सैनिक आधुनिक हथियारों के साथ-साथ एक साधारण कैंची भी साथ रख रहे हैं। वजह है रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फाइबर-ऑप्टिक कंट्रोल वाले छोटे ड्रोन, जिन्हें सैनिक ‘छुटकू सैनिक’ कहकर संबोधित कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये ड्रोन आसमान से हमला करने के बजाय ज़मीन के करीब रहकर फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए ऑपरेट होते हैं। चूंकि इन पर पारंपरिक जैमिंग सिस्टम का असर नहीं होता, इसलिए इन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यूक्रेनी सैनिक ड्रोन की कंट्रोल केबल तक पहुंचकर उसे कैंची से काट देते हैं, जिससे ड्रोन तुरंत निष्क्रिय हो जाता है।

युद्ध ने आधुनिक तकनीक और साधारण उपायों का अनोखा संगम दिखाया है। जहां एक ओर हाई-टेक हथियार और मिसाइल सिस्टम हैं, वहीं दूसरी ओर एक छोटी सी कैंची भी रणनीतिक हथियार बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दर्शाता है कि युद्ध में केवल अत्याधुनिक तकनीक ही नहीं, बल्कि त्वरित जुगाड़ और जमीनी समझ भी अहम भूमिका निभाती है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष लगातार नए रूप ले रहा है और दोनों पक्ष लगातार नई रणनीतियां अपना रहे हैं। इस बीच यूक्रेनी सैनिकों की यह ‘कैंची रणनीति’ चर्चा का विषय बनी हुई है।

कभी भारत था आगे, आज चीन 6 गुना अमीर! कहां पिछड़ गई हमारी अर्थव्यवस्था?




 भारत और चीन की आर्थिक यात्रा की तुलना आज फिर चर्चा में है। एक समय ऐसा था जब 1980 के दशक में भारत की प्रति व्यक्ति आय चीन से अधिक मानी जाती थी। लेकिन बीते चार दशकों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आज चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत से कई गुना आगे निकल गया है।

China ने 1980 के दशक में बड़े पैमाने पर आर्थिक सुधार, निर्यात-आधारित मैन्युफैक्चरिंग और विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया। विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) की स्थापना और तेज़ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने उसे वैश्विक सप्लाई चेन का केंद्र बना दिया। वहीं India ने 1991 के बाद उदारीकरण की राह पकड़ी और आईटी व सेवा क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात क्षमता उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ सकी।

चीन की आर्थिक नीतियों में दीर्घकालिक योजना, बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन और आक्रामक निर्यात रणनीति प्रमुख रही। इसके मुकाबले भारत को नीति क्रियान्वयन, इंफ्रास्ट्रक्चर, श्रम सुधार और विनिर्माण क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

हालांकि भारत ने भी पिछले तीन दशकों में उल्लेखनीय प्रगति की है और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में अब भी चीन से काफी पीछे है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, स्किल डेवलपमेंट और निर्यात विस्तार पर फोकस करके भारत इस अंतर को कम कर सकता है।