Saturday, 21 February 2026

सिर्फ लोन का ब्याज नहीं: इन 7 तरीकों से कमाई करते हैं बैंक, समझिए रेवेन्यू का पूरा गणित




 नई दिल्ली। आम धारणा है कि बैंक केवल लोन पर मिलने वाले ब्याज से कमाते हैं। होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन पर वसूला गया ब्याज निश्चित रूप से उनकी आय का अहम हिस्सा होता है, लेकिन बैंकों की कमाई का दायरा इससे कहीं अधिक व्यापक है। आज बैंक ‘नॉन-इंटरेस्ट इनकम’ यानी ब्याज के अलावा मिलने वाली आय पर भी काफी हद तक निर्भर हैं। यही वजह है कि ब्याज दरों में कमी या रेपो रेट घटने के बावजूद बैंक मुनाफा दर्ज करने में सक्षम रहते हैं।

देश के प्रमुख बैंक जैसे State Bank of IndiaHDFC Bank और ICICI Bank की आय संरचना पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि उनका बिजनेस मॉडल बहुआयामी हो चुका है।

लोन पर लिया गया ब्याज अब भी बैंकों की आय का बड़ा स्रोत है। खुदरा, कॉरपोरेट और एमएसएमई सेक्टर को दिए गए कर्ज पर मिलने वाला ब्याज बैंकिंग राजस्व की बुनियाद बनाता है।

किसी भी लोन की मंजूरी के समय बैंक प्रोसेसिंग फीस लेते हैं। इसके अतिरिक्त समय से पहले लोन चुकाने पर प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर शुल्क भी लगाया जाता है। ये शुल्क एकमुश्त होते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बैंक के लिए उल्लेखनीय आय का स्रोत बनते हैं।

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