देश में एक बार फिर “हिंदू राष्ट्र” को लेकर बहस तेज हो गई है। अभिनेता अनुपम कपूर के हालिया बयान ने इस मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।
अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि दुनिया में 130 से अधिक देश स्वयं को ईसाई बहुल राष्ट्र मानते हैं, 56 देश इस्लामिक राष्ट्र हैं, जबकि कई देश बौद्ध और कुछ कम्युनिस्ट विचारधारा पर आधारित हैं। ऐसे में उन्होंने प्रश्न उठाया कि “भारत हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं हो सकता?”
इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ वर्ग इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर समर्थन दे रहे हैं, तो वहीं अन्य इसे देश के संवैधानिक ढांचे और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के संदर्भ में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है और देश की विविधता इसकी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में इस प्रकार के बयान व्यापक बहस और संवाद को जन्म देते हैं, जो लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फिलहाल, यह मुद्दा सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग अपने-अपने विचार खुलकर व्यक्त कर रहे हैं।
टीबी मुक्त भारत अभियान में युवाओं का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। यह समूह समाज का सबसे सक्रिय और प्रभावशाली हिस्सा है , और उनकी भागीदारी से टीबी के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिल सकती है।
*युवाओं का योगदान:*
*जागरूकता फैलाना*: युवा टीबी के बारे में जागरूकता फैला सकते हैं और लोगों को इसके लक्षणों और उपचार के बारे में शिक्षित कर सकते हैं।
- *समुदाय में बदलाव*: युवा अपने समुदाय में बदलाव लाने के लिए काम कर सकते हैं और टीबी के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
- *टीबी के मरीजों का समर्थन*: युवा टीबी के मरीजों का समर्थन कर सकते हैं और उन्हें उपचार के दौरान प्रेरित कर सकते हैं।
*महिलाओं का योगदान:*
- *परिवार में जागरूकता*: महिलाएं अपने परिवार में टीबी के बारे में जागरूकता फैला सकती हैं और अपने परिवार के सदस्यों को टीबी के लक्षणों के बारे में शिक्षित कर सकती हैं।
- *समुदाय में बदलाव*: महिलाएं अपने समुदाय में बदलाव लाने के लिए काम कर सकती हैं और टीबी के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
- *टीबी के मरीजों का समर्थन*: महिलाएं टीबी के मरीजों का समर्थन कर सकती हैं और उन्हें उपचार के दौरान प्रेरित कर सकती हैं।
सलाम नमस्ते सामुदायिक रेडियो द्वारा टी बी मुक्त भारत अभियान में महिलाओं की भागीदारी के लिए भी सक्रिय प्रयास किया जायेगा I
टीबी मुक्त भारत अभियान में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, हमें उन्हें शिक्षित और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। हमें उन्हें टीबी के बारे में जानकारी प्रदान करनी चाहिए और उन्हें अपने समुदाय में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगठन ने 14 नवंबर 2025 को जारी मिड डेल मील वितरित करने वाली एनजीओ को दिए जाने वाले टेंडर प्रक्रिया
में काफी नाम लीक हो गए है और कई संस्थाओ ने इसकी लिखित शिकायत भी डायरेक्टर एजुकेशन
दिल्ली सरकार को दी है। इन शिकायतो में कुछ ऐसे तथ्यों की ओर इशारा किया है, जैसे कुछ एनजीओ की टेकनीकल कमियां है, तो कुछ की
बैलेंसशीट आदि में, जिनसे चयन
प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। हालांकि इन बिंदुओं की
आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। इन शिकायतो के बाद इस टेंडर को घोषित करने में विभाग
ने रोक लगा रखी है। इतना ही नहीं कुछ एनजीओ ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग में
विजिलेंस जांच के लिए भी दी है जिनमें कुछ निचले स्तर के अधिकारियो और एक रिटायर्ड
अधिकारी के नाम भी मिलीभगत करने के आरोप के साथ दिए गए हैं।
प्रतिनिधित्व में संकेत दिया गया है कि कुछ एनजीओ द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों
और योग्यता संबंधी दावों में समानताएं देखी गई हैं, जिससे प्रक्रिया
में समन्वय या गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, कुछ मामलों में
बुनियादी ढांचे से जुड़े मानकों में ढील दिए जाने की बात भी सामने आई है।
शिकायत में ये भी लिखा है कि कुछ सूत्रों के हवाले से यह भी संकेत मिला है कि
चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए वित्तीय लेन-देन हो सकता है। हालांकि इस
संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की
निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि यदि
टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं, तो इसका असर
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर पड़ सकता है, जिससे स्कूली
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
विश्व मानवाधिकार संगठन ने संबंधित प्राधिकरण से आग्रह किया है कि पूरे मामले
की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई
सामने आ सके। साथ ही, जांच पूरी होने तक टेंडर प्रक्रिया
को अस्थायी रूप से रोकने की भी मांग की गई है। इस मामले में शिक्षा विभाग या अन्य
संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले
की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
इस अवसर पर सांसद सैलजा ने चौधरी भजनलाल को दूरदर्शी और कुशल राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि हरियाणा के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि चौधरी भजनलाल सामाजिक एकता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक थे, यही कारण है कि आज भी सभी वर्गों के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती रहेगी। इस अवसर पर बिश्नोई सभा द्वारा सांसद का सम्मान भी किया गया।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कुमारी सैलजा ने पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से खिलवाड़ कर रही है, जो उनकी राजनीतिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचकूला की जनता आगामी नगर निगम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को विजय दिलाएगी।
सांसद सैलजा ने प्रदेश में बढ़ती गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी को सरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे, जिससे लोग परेशान हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है, जबकि विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में न तो वास्तविक रूप से स्मार्ट सिटी विकसित हो पाए हैं और न ही शहरों में मूलभूत सुविधाएं, जैसे स्वच्छ पेयजल, सुनिश्चित हो पाई हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि पंचकूला जैसे आधुनिक शहर में भी आज कचरे के ढेर लगे हुए हैं और विकास की गति ठप हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को उन्होंने कई बार लोकसभा में उठाया है, लेकिन सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इस मौके पर पंचकूला के विधायक चंद्र मोहन बिश्नोई, विधायक अकरम खान, कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, रामकिशन गुर्जर, प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सुधा भारद्वाज सहित बिश्नोई सभा के पदाधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
माननीय महोदय,
प्रस्तुत पत्र के साथ निम्नलिखित सामग्री प्रेषित की जा रही है—
आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इसे अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र/पत्रिका/मैगजीन/ऑनलाइन पोर्टल में प्रकाशित करने की कृपा करें। लेख अथवा कविता के संक्षिप्तीकरण के लिए आप स्वतंत्र हैं।
हमें विश्वास है कि AVK News Service को आपका सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। एवीके न्यूज सर्विस की सामग्री वेबसाइट
पर भी उपलब्ध है।
“इंकलाब लिख दिया जिसने अपने खून से…”
दहक उठी थी ज्वाला मन में,
जब देश गुलामी में जकड़ा था,
नन्हीं आंखों ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का
वो खूनी मंजर पकड़ा था।
मिट्टी को माथे से लगाकर
उसने कसम ये खाई थी,
गोरी सत्ता को उखाड़ने की
उसने अलख जगाई थी।
वह डरा नहीं फांसी के फंदों से,
न बेड़ियों की झंकार से,
वो गूंज उठा था इंकलाब बन
असेंबली की दीवार से।
अगर चाहें तो मैं इस कविता को शहीद भगत सिंह पर आधारित पूरी 20–25 पंक्तियों की विस्तृत देशभक्ति कविता के रूप में भी आगे बढ़ाकर दे सकता हूँ, जो अखबार या पत्रिका में और प्रभावशाली लगेगी।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बार-बार आर्थिक मजबूती के दावे करती रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा का अवमूल्यन आम जनता की कमर तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रुपये की कमजोरी यह दर्शाती है कि सरकार आर्थिक प्रबंधन में संतुलन और दूरदर्शिता बनाए रखने में असफल रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीति हमेशा संतुलन, समावेशी विकास और जनहित पर आधारित रही है। कांग्रेस का मानना है कि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए छोटे व्यापारियों, किसानों और मध्यम वर्ग को सशक्त करना आवश्यक है। केवल बड़े उद्योगों पर केंद्रित नीतियां देश की आर्थिक नींव को कमजोर कर सकती हैं।
विदेश नीति के संदर्भ में कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न एलपीजी संकट जैसे मुद्दों ने भारत की कूटनीतिक स्थिति को चुनौती दी है। उनके अनुसार पहले भारत की पहचान एक मजबूत और संतुलित वैश्विक नेतृत्व की रही है, लेकिन वर्तमान में कई देशों के साथ संबंधों में स्पष्टता और स्थिरता की कमी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विदेश नीति हमेशा संवाद, संतुलन और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा पर आधारित रही है। भारत को वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार के रूप में स्थापित करना आवश्यक है, न कि केवल आक्रामक बयानबाजी तक सीमित रहना चाहिए।
अंत में कुमारी सैलजा ने कहा कि देश को ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो आर्थिक स्थिरता, सामाजिक न्याय और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सुनिश्चित करें। कांग्रेस पार्टी हमेशा रचनात्मक सुझावों और जनहित के मुद्दों पर सरकार का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह देशहित में ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए, ताकि भारत की आर्थिक स्थिति और वैश्विक साख को पुनः मजबूत किया जा सके।
भव्य शोभायात्रा भंडारी दर्शक मंडप (गांधी ग्राउंड) से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उदयपुर नगर निगम प्रांगण पहुंची। शोभायात्रा में विभिन्न समाजों की आकर्षक झांकियां, अखाड़े, धार्मिक ध्वज और ढोल-नगाड़ों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
शोभायात्रा के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भारतीय नववर्ष के उत्साह को अभिव्यक्त कर रहे थे।
शोभायात्रा में ऊंट, घोड़े और बग्घियों के साथ विभिन्न विषयों पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। आर्य समाज की झांकी, पर्यावरण संरक्षण, माता शबरी तथा जनजातीय समाज द्वारा भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण से संबंधित झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं।
शोभायात्रा में 500 से अधिक मातृशक्ति खड्ग धारण कर शामिल हुईं, जिन्होंने आयोजन को विशेष भव्यता और उत्साह प्रदान किया।
शोभायात्रा में भारतीय संस्कृति की वैदिक परंपरा को दर्शाती हवन करती हुई झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाया।
धर्मसभा के शुभारंभ से पूर्व भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। पूज्य संतों को धनुष-बाण स्मृति स्वरूप भेंट किए गए। वहीं जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं जनजातीय वीरों की झांकी प्रस्तुत की गई, जिसके कलाकारों का मंच पर सम्मान किया गया।
धर्मसभा में परमपूज्य गुरु गुलाबदास (मांकड़ादेव धाम, झाड़ोल) ने भारतीय नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्व के बोध का संदेश दिया।
वहीं परमपूज्य ज्ञानानन्द सरस्वती (कैलाश टेकरी, खमनोर) ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर विचार व्यक्त किए।
इसके पश्चात समिति के संयोजक डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन विकास छाजेड़ और कवि डॉ. वैभव भल्लार ने किया।
कार्यक्रम के अंत में अशोक मंडा विश्नोई और उनकी टीम ने Rapperiya Baalam के गीतों के साथ देशभक्ति एवं राजस्थानी लोकसंगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सादर प्रकाशनार्थ
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र चौधरी ने क्षेत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दादू माजरा कॉलोनी में आए दिन लड़ाई-झगड़े, लूटपाट और चोरियां आम बात हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हाल के दिनों में कई मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन पुलिस अब तक इन मामलों में कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। वहीं, नशेड़ी और असामाजिक तत्व सरेआम आने-जाने वाली युवतियों के साथ छेड़खानी करते हैं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है और उनका घर से निकलना मुश्किल हो रहा है।
श्री चौधरी ने यह भी कहा कि क्षेत्र में पुलिस गश्त का अभाव साफ दिखाई देता है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है और अपराधियों में पुलिस का डर लगभग खत्म हो चुका है।
उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी से मांग की है कि दादू माजरा कॉलोनी में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही विशेष रूप से रात के समय पुलिस की नियमित और प्रभावी गश्त बढ़ाने की अपील की, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
कार्यक्रम के पूर्व अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश प्रसाद द्वारा एक भव्य योग प्रदर्शनी का लोकार्पण किया गया। इस प्रदर्शनी में योग परंपरा और आध्यात्मिक साधना से जुड़े अनेक महान व्यक्तित्वों के जीवन और योगदान को चित्रों एवं संक्षिप्त विवरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में शिव, पतंजलि, गुरु गोरखनाथ, आदि शंकराचार्य, दयानंद सरस्वती, अरविंद घोष, पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य, महाराज चतुर सिंह बावजी तथा भूरी बाई सहित कुल 18 महान विभूतियों के सचित्र जीवन परिचय प्रदर्शित किए गए हैं। इन सभी महापुरुषों ने अपने जीवन को योग साधना और मानव कल्याण के लिए समर्पित करते हुए योग परंपरा को समृद्ध बनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस वर्ग में देशभर से आए लगभग 90 प्रतिभागी योग एवं विभिन्न आसनों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख श्रीवर्द्धन, सह प्रान्त प्रचारक डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, अखिल भारतीय आसन विषय प्रमुख सुब्रमण्यम, अखिल भारतीय योग विषय प्रमुख प्रभात आमेटा तथा प्रान्त शारीरिक शिक्षण प्रमुख डॉ. भारत भूषण ओझा सहित अनेक शिक्षक एवं शिक्षार्थी उपस्थित रहे।
भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा चेटीचंड पर्व के उपलक्ष्य में भगवान झूलेलाल की आरती के साथ नववर्ष उत्सव की शुरुआत की गई। झूलेलाल मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भगवान झूलेलाल का पूजन कर नववर्ष की मंगलकामनाएं की गईं। इस अवसर पर धनराज, विष्णु, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत सहित समिति के सदस्यों ने शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
इसके पश्चात सूरजपोल स्थित समिति के कार्यालय का उद्घाटन हेमेन्द्र श्रीमाली एवं मातृशक्ति के करकमलों से किया गया। उद्घाटन के बाद आयोजित बैठक में आगामी शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न जिम्मेदारियां समिति के सदस्यों को सौंपी गईं।
बैठक के उपरांत भारतीय नववर्ष के प्रचार-प्रसार के लिए भगवा रथ को रवाना किया गया। यह रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नववर्ष का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा और नागरिकों को नवसंवत्सर उत्सव से जोड़ने का कार्य करेगा।
समिति के सदस्यों द्वारा 21 मार्च को मार्ग आमंत्रण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को भव्य शोभायात्रा में सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया जाएगा।
समिति ने बताया कि 22 मार्च को दोपहर 3 बजे भंडारी दर्शक मंडप (गांधी ग्राउंड) से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर निगम प्रांगण तक पहुंचेगी।
शोभायात्रा में संत-महात्माओं का सानिध्य, मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी तथा विभिन्न समाजों की आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। इसके पश्चात टाउन हॉल में धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां संत-महात्माओं के आशीर्वचन प्राप्त होंगे।
सायंकाल आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में रेपरिया बालम फेम कलाकार अशोक मंडा विश्नोई की विशेष प्रस्तुति होगी, जो विशेष रूप से युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
समिति ने उदयपुरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा और धर्मसभा में शामिल होकर भारतीय नववर्ष उत्सव को सफल बनाएं।
भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति इस वर्ष नवसंवत्सर उत्सव को “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ मना रही है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और भारतीय जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।
समिति का उद्देश्य है कि इन पांचों विषयों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़े और भारतीय नववर्ष को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के माध्यम के रूप में स्थापित किया जाए।
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सद्गुरु Sudiksha Ji Maharaj एवं Nirankari Rajpita Ji के आशीर्वाद से संचालित Nirankari Youth Forum (NYF) युवाओं को अपनी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित करता है। इस मंच के माध्यम से युवा विनम्रता, अनुशासन, एकता और करुणा जैसे जीवन मूल्यों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ कानपुर में सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा मिशन का ध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “निरंकार प्रभु ने हमें यह जीवन और शरीर प्रदान किया है, इसलिए हमारा शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहना चाहिए तथा हमें प्रदूषण से दूर रहकर संतुलित जीवन जीना चाहिए। खेलों के माध्यम से टीम स्पिरिट का विकास होता है। अकेले तो हर कोई जीवन जी सकता है, लेकिन सबको साथ लेकर चलने से ही संसार सुंदर बनता है। जीवन को भक्ति से महकाने का प्रयास करते रहना चाहिए।”
इस आयोजन में पूरे उत्तर प्रदेश से 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में ऊर्जा, एकता और भाईचारे का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
निरंकारी यूथ फोरम खेलों को समग्र विकास का महत्वपूर्ण माध्यम मानता है। इसी उद्देश्य से आयोजित क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और खेल भावना जैसे गुणों का विकास होता है, जिससे समाज में आपसी भाईचारा और एकता की भावना को भी बल मिलता है।
इसके अतिरिक्त NYF द्वारा सांस्कृतिक और स्थानीय विरासत से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाता है। संगीत, नाटक, कला और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। ये गतिविधियां स्थानीय संस्कृति और इतिहास के संरक्षण और संवर्धन में सहायक होने के साथ-साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इन सभी प्रयासों के माध्यम से निरंकारी यूथ फोरम यह संदेश देता है कि वास्तविक विकास शरीर, मन और आत्मा के संतुलित विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी समझ और सम्मान में निहित है।
फोरम आज के युवाओं को जिम्मेदार, संवेदनशील, सांस्कृतिक रूप से जागरूक और आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे वे समाज में सकारात्मक योगदान देते हुए संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सकें।
देवेंद्र यादव ने कहा कि Arvind Kejriwal चुनाव हारने के बाद दिल्ली से दूर थे, लेकिन अब अचानक लौटकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आग की घटना के दौरान दमकल विभाग के मौके पर पहुंचने में देरी और बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट के खराब होने की जिम्मेदारी लेने के बजाय सरकार बहाने बना रही है।
उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली फायर ब्रिगेड में कर्मचारियों और उपकरणों की कमी है तो इसके लिए पिछले 11 वर्षों तक शासन करने वाली आम आदमी पार्टी और वर्तमान भाजपा सरकार दोनों जिम्मेदार हैं। 2012 के बाद विभाग में पर्याप्त भर्तियां न होने से अग्निशमन व्यवस्था कमजोर हो गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा की Rekha Gupta सरकार सत्ता में आने के बाद से बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं कर रही है। यहां तक कि Narendra Modi ने भी दिल्ली के विकास के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की है, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न रसोई गैस संकट के बावजूद सरकार दावा कर रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार को मजबूर होकर गरीबों के लिए रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने वाली अटल कैंटीन तक बंद करनी पड़ी।
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और नगर निगम में आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान बिना उचित अग्नि सुरक्षा उपायों के कई इमारतों को संचालित करने की अनुमति दी गई, जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई भीषण आग की घटनाएं हुईं, जिनमें दमकल विभाग को संकरी गलियों और अव्यवस्थित इमारतों के कारण समय पर पहुंचने में कठिनाई हुई।
उन्होंने कहा कि भाजपा और केजरीवाल दोनों को राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए आपस में भिड़ने के बजाय प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने याद दिलाया कि मई 2022 में मुंडका स्थित एक चार मंजिला वाणिज्यिक इमारत में भीषण आग लगने से करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। उस समय भी जांच के आदेश तो दिए गए, लेकिन कार्रवाई के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।
देवेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के मानसून के दौरान जलभराव, बाढ़ और करंट लगने की घटनाओं में 43 लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन उस समय भी सरकार ने जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा की सरकार के दौरान भी स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है और जनता के हित में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पालम अग्निकांड से दिल्लीवासी स्तब्ध हैं और सरकार इस त्रासदी से खुद को अलग नहीं कर सकती। पिछले एक वर्ष में कई अग्निकांडों में लोगों की जान गई है, लेकिन इससे कोई सबक नहीं लिया गया।
देवेंद्र यादव ने दिल्ली अग्निशमन सेवा के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस वर्ष 1 जनवरी से 15 मार्च के बीच 2,716 फायर कॉल प्राप्त हुए हैं और वर्तमान में शहर में प्रतिदिन औसतन करीब 36 फायर कॉल आ रही हैं। उन्होंने कहा कि आग की घटनाओं में मौतों और घायलों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। इस वर्ष अब तक 13 लोगों की मौत और 111 लोग घायल हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 18 लोगों की मौत और 109 लोग घायल हुए थे।
उन्होंने कहा कि लोगों की जान जाने के बाद सरकार खुद को जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर सकती। दिल्ली में हो रही ऐसी घटनाओं के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।