Thursday, 15 January 2026

सूर्यकुमार यादव मुझे काफी मैसेज किया करते थे” — बॉलीवुड एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी का चौंकाने वाला दावा,

 


बॉलीवुड एक्ट्रेस और MTV स्प्लिट्सविला फेम खुशी मुखर्जी ने भारतीय क्रिकेट टीम के T20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया है। खुशी ने सार्वजनिक तौर पर दावा किया कि सूर्यकुमार यादव पहले उन्हें लगातार मैसेज किया करते थे, हालांकि अब दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं होती।

यह बयान तब सामने आया जब खुशी मुखर्जी हाल ही में एक इवेंट में पहुंची थीं, जहां एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या वह किसी क्रिकेटर को डेट करना चाहेंगी। इसी सवाल के जवाब में खुशी ने खुलकर अपनी बात रखी।

किद्दान एंटरटेनमेंट द्वारा पोस्ट किए गए वायरल वीडियो में खुशी ने कहा,

“मैं किसी क्रिकेटर को डेट नहीं करना चाहती। मेरे पीछे बहुत सारे क्रिकेटर पड़े हैं। सूर्यकुमार यादव मुझे बहुत मैसेज किया करते थे। अब हम ज्यादा बात नहीं करते और मैं उनसे जुड़ना भी नहीं चाहती। मुझे अपने बारे में किसी भी तरह के लिंक-अप पसंद नहीं हैं।”

उनके इस बयान के बाद फैन्स के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे निजी मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सनसनीखेज दावा मान रहे हैं।

फिलहाल, सूर्यकुमार यादव की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

इस बीच, सूर्यकुमार यादव अपनी पत्नी देविशा शेट्टी के साथ आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने वैकुंठ एकादशी के अवसर पर पूजा-अर्चना की। मंदिर से उनकी तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

खुशी मुखर्जी के बयान ने जहां मनोरंजन जगत में हलचल मचा दी है, वहीं क्रिकेट फैंस भी इस पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। आगे देखना होगा कि सूर्यकुमार यादव इस पर कोई बयान देते हैं या नहीं।

एयर इंडिया हादसे पर फेक RIP वीडियो वायरल: जिन 2 पायलट और 10 क्रू को ‘मरा’ बताया, वे सभी जीवित निकले — फैक्ट चेक में खुलासा

 


अहमदाबाद विमान हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक भ्रामक और भावनात्मक रूप से भड़काऊ वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एयर इंडिया के दो पायलट और दस क्रू मेंबर्स की तस्वीरें दिखाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। पोस्ट में ‘RIP’ लिखा गया है और बैकग्राउंड में ‘चिट्ठी ना कोई संदेश’ जैसे दुखद गीत लगाए गए हैं, जिससे दर्शकों को यह आभास होता है कि ये सभी हादसे में मारे गए हैं।

हालांकि, OneIndia Hindi के फैक्ट चेक में सामने आया है कि वायरल वीडियो में दिखाए गए सभी 12 सदस्य पूरी तरह जीवित हैं और उनका अहमदाबाद हादसे से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो पूरी तरह गलत जानकारी पर आधारित है और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से शेयर किया जा रहा है।

क्या था असली हादसा?

12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (Boeing 787 Dreamliner) अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। दोपहर 13:39 बजे टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस भीषण हादसे में:

  • दो पायलट – कप्तान सुमित सभरवाल और सह-पायलट क्लाइव कुंदर,

  • 10 क्रू मेंबर्स, और

  • 229 यात्री

मारे गए थे। कुल 242 लोगों में से केवल एक यात्री जीवित बचा था। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।

वायरल वीडियो क्यों भ्रामक है?

सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में जिन पायलट और क्रू मेंबर्स की तस्वीरें दिखाई गई हैं, वे:

  • न तो उस फ्लाइट का हिस्सा थे,

  • न ही हादसे के समय विमान में मौजूद थे,

  • और सभी सुरक्षित हैं।

इसके बावजूद, वीडियो बनाने वालों ने भावनात्मक संगीत और RIP टैग का इस्तेमाल कर इसे ट्रेजडी से जोड़ दिया, जिससे हजारों लोग गुमराह हो गए।

फैक्ट चेक का निष्कर्ष

OneIndia Hindi की जांच में साफ हुआ कि:

  • वायरल वीडियो फेक और भ्रामक है।

  • दिखाए गए 12 लोग जीवित हैं।

  • वीडियो का अहमदाबाद विमान हादसे से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया यूजर्स के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील हादसों से जुड़े कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचनी चाहिए। फर्जी वीडियो न केवल लोगों को भ्रमित करते हैं, बल्कि पीड़ित परिवारों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाते हैं।

चांदी तीन दिन में ₹34,000 उछली; ₹2.77 लाख प्रति किलो पर — सोना ₹1.42 लाख/10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर

 


सोने और चांदी की कीमतों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार, 14 जनवरी 2026 को दोनों कीमती धातुएं लगातार तीसरे दिन अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 14,145 रुपए बढ़कर ₹2,77,175 हो गई। इससे पहले 13 जनवरी को चांदी ने ₹2,63,032 का रिकॉर्ड बनाया था।

पिछले तीन दिनों में चांदी ₹34,000 से ज्यादा महंगी हो चुकी है, जो निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों के लिए बड़ा संकेत है।

वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत भी नए शिखर पर पहुंच गई है। 10 ग्राम सोना ₹1,868 बढ़कर ₹1,42,152 पर खुला, जबकि एक दिन पहले यह ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम था।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों अलग?

IBJA द्वारा जारी सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए अलग-अलग शहरों में रिटेल दाम अलग दिखते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि RBI इन्हीं IBJA रेट्स के आधार पर Sovereign Gold Bond (SGB) की कीमत तय करता है, और कई बैंक गोल्ड लोन के लिए भी इन्हीं दरों को संदर्भ मानते हैं।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी

पिछले साल यानी 2025 में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड रिटर्न दिया।

  • सोना:
    31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना ₹76,162 था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹1,33,195 हो गया — यानी ₹57,033 (75%) की वृद्धि

  • चांदी:
    31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,017 थी, जो 2025 के अंत तक ₹2,30,420 पहुंच गई — यानी ₹1,44,403 (167%) की जबरदस्त तेजी

सोने में तेजी के तीन बड़े कारण

1) डॉलर कमजोर हुआ
अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोना रखना सस्ता पड़ा और मांग बढ़ी।

2) जियोपॉलिटिकल तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीद रहे हैं।

3) रिजर्व बैंकों की खरीदारी
चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक सालाना 900 टन से ज्यादा सोना खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक मांग बढ़ी है।

चांदी में तेजी के तीन बड़े कारण

1) इंडस्ट्रियल डिमांड
सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे मांग तेजी से बढ़ी है।

2) ट्रंप टैरिफ का डर
अमेरिकी कंपनियां संभावित टैरिफ के कारण पहले से ही चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे सप्लाई कम हुई।

3) मैन्युफैक्चरर्स की होड़
आपूर्ति बाधित होने के डर से कंपनियां पहले ही बड़ी मात्रा में चांदी खरीद रही हैं, जिससे कीमतें और ऊपर गईं।

असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान तरीके

1) मैग्नेट टेस्ट:
असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो नकली हो सकती है।

2) आइस टेस्ट:
चांदी पर बर्फ रखें — असली चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है।

3) स्मेल टेस्ट:
असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली में तांबे जैसी गंध आ सकती है।

4) क्लॉथ टेस्ट:
सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए, तो चांदी असली है।

10-Min Delivery पर ब्रेक! सरकार की सख्ती के बाद बदले Blinkit, Swiggy और Zepto के तेवर

 


क्विक कॉमर्स की दुनिया में “10 मिनट डिलीवरी” का दौर अब धीमा पड़ता दिख रहा है। अगर आप Blinkit, Zepto या Swiggy Instamart जैसे ऐप्स पर मिनटों में ग्रॉसरी मंगवाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है।

गोल्डमैन सैक्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टॉप 150 शहरों में क्विक कॉमर्स का बाजार करीब 235 अरब डॉलर का है और यह सेक्टर 2025 से 2030 के बीच 35–40 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ सकता है। बावजूद इसके, सरकार की सख्ती और डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों ने इस इंडस्ट्री को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है।

Blinkit के बाद अब Zepto, Swiggy Instamart और Flipkart Minutes ने भी अपने ब्रांडिंग से “10 मिनट डिलीवरी” के दावे को लगभग हटा लिया है। इससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या भारत में 10 मिनट डिलीवरी का दौर खत्म होने वाला है?

सरकार की सख्ती ने बदला खेल

पिछले हफ्ते केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने क्विक कॉमर्स कंपनियों के साथ एक अहम बैठक की। इसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कंपनियां डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। खासतौर पर “10 मिनट डिलीवरी” जैसे वादों पर चिंता जताई गई, क्योंकि इससे राइडर्स पर अत्यधिक समय का दबाव पड़ता है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है।

इस चेतावनी के बाद कंपनियों ने रातों-रात अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी में बदलाव शुरू कर दिया।

Blinkit, Zepto और Swiggy के नए टैगलाइन

• Blinkit — पहले ऐप पर लिखा था “10,000+ प्रोडक्ट्स 10 मिनट में डिलीवर”, अब इसे बदलकर “30,000+ प्रोडक्ट्स आपके दरवाजे तक” कर दिया गया है।

• Zepto — अब “10 मिनट” की जगह “Groceries in minutes” यानी “मिनटों में ग्रॉसरी” का दावा कर रहा है।

• Swiggy Instamart — 10 मिनट का जिक्र हटाकर अब “Groceries and More” यानी “ग्रॉसरी और बहुत कुछ” को अपना नया चेहरा बनाया है।

• हालांकि, Tata Group की BigBasket अभी भी खुद को “10 min grocery app” बताने पर कायम है।

10 मिनट डिलीवरी पर क्यों उठे सवाल?

नए साल की पूर्व संध्या पर देशभर में गिग वर्कर्स ने बड़े स्तर पर हड़ताल की थी। डिलीवरी पार्टनर्स ने अपनी सुरक्षा, कम कमाई और सड़क जोखिम को लेकर विरोध जताया।

उनका कहना था कि 10 मिनट की डिलीवरी के दबाव में उन्हें तेज रफ्तार से वाहन चलाना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई हादसों और मौतों के मामलों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया।

आगे क्या होगा?

सरकार अब क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए नए नियम और सुरक्षा दिशानिर्देश लाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में कंपनियां डिलीवरी समय के बजाय सुरक्षा, विश्वसनीयता और सर्विस क्वालिटी पर ज्यादा फोकस कर सकती हैं।

फिलहाल, “10 मिनट डिलीवरी” का दौर भले पूरी तरह खत्म न हो, लेकिन यह निश्चित रूप से पहले जैसा आक्रामक नहीं रहेगा।

Wednesday, 14 January 2026

“पेरेंटिंग: कम मार्क्स आए तो क्या कमजोर है बच्चे का IQ? जानें कब ज़रूरी है IQ टेस्ट”

 
“क्या आपके बच्चे के स्कूल मार्क्स कम आ रहे हैं? चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन याद रखें – 12 साल की उम्र में एवरेज मार्क्स कोई असामान्य बात नहीं है। मैथ और साइंस जैसे विषयों में चुनौती आना आम है। सही मार्गदर्शन, धैर्य और सपोर्ट मिलने पर बच्चे बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं।

कम मार्क्स के कई कारण हो सकते हैं – पढ़ाई में मन न लगना, स्कूल या टीचर का प्रेशर, एग्जाम एंग्जाइटी, सही गाइडेंस का अभाव, नींद की कमी या हेल्थ फैक्टर। इसलिए सिर्फ मार्क्स देखकर बच्चे पर दबाव डालना सही नहीं है।

हर बच्चे की अपनी रुचियां और क्षमताएं होती हैं। कोई खेल, म्यूजिक, आर्ट या क्रिएटिव फील्ड में बेहतर होता है। पेरेंटिंग का मतलब है बच्चे को समझना, उसकी ताकत और रुचियों को पहचानना, और भावनात्मक रूप से सपोर्ट करना।

अब बात IQ टेस्ट की। IQ यानी इंटेलिजेंस कोशेंट टेस्ट बच्चों की सोचने-समझने, तर्क करने और समस्या सुलझाने की क्षमता को मापता है। यह मुख्य रूप से लॉजिकल थिंकिंग, मैथ, मेमोरी और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल को परखता है।

लेकिन ध्यान रखें, IQ टेस्ट बच्चे की पूरी इंटेलिजेंस का पैमाना नहीं है। यह क्रिएटिविटी, सोशल स्किल्स या टैलेंट को नहीं मापता। बच्चे का मूड, वातावरण और एक्सपोजर भी इसका असर डालते हैं।

इसलिए बच्चे को बिना दबाव दिए समझें, उसकी रुचियों और क्षमताओं को पहचानें। सही गाइडेंस और सपोर्ट से हर बच्चा अपनी गति से सीख सकता है और तरक्की कर सकता है।

याद रखें, प्यार और समझदारी से की गई पेरेंटिंग ही बच्चे की असली ताकत बनती है।

मकर संक्रांति 2026: तिल, गुड़ और मूंगफली – सर्दियों के सुपरफूड, सेहत और ऊर्जा का खजाना”

 

मकर संक्रांति का त्योहार यानी ठंड की विदाई और नए सूरज का स्वागत। इस दिन भारत के हर हिस्से में अलग-अलग नामों से यह पर्व मनाया जाता है – कहीं पोंगल, कहीं खिचड़ी, तो कहीं लोहड़ी और उत्तरायण। लेकिन पूरे देश में एक चीज़ एक जैसी है – तिल, गुड़ और मूंगफली खाना।

यह तीनों सुपरफूड्स न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं।

गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स के साथ विटामिन A, C और E पाए जाते हैं। गुड़ खाने से डाइजेस्टिव हेल्थ सुधरती है, लिवर और ब्लड डिटॉक्स होता है, एनर्जी मिलती है, और एनीमिया का जोखिम कम होता है।

तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और पोटैशियम जैसे मिनरल्स होते हैं। इसके सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहते हैं, और आर्थराइटिस के दर्द में राहत मिलती है।

मूंगफली प्रोटीन और हेल्दी फैट का बेहतरीन स्रोत है। इसे खाने से वेट लॉस में मदद मिलती है, डायबिटीज और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है, और ब्रेन फंक्शनिंग और आंखों की सेहत भी बेहतर होती है।

इसलिए इस मकर संक्रांति पर तिल, गुड़ और मूंगफली खाएं, सेहत और स्वाद दोनों का आनंद लें। यह हैं सर्दियों के असली सुपरफूड्स, जो आपकी ऊर्जा और सेहत को बनाए रखें।

आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!”

बेरोजगार बेटे खद अंजामने गुस्से में मां की हत्या, दो साल से चल रहे घरेलू तनाव का


 सूरत के चौक बाजार इलाके में मंगलवार दोपहर एक दुखद वारदात सामने आई। 32 वर्षीय अविनाश ने अपनी 57 वर्षीय मां चंद्रकला को गुस्से में चाकू से मार दिया। अविनाश पिछले दो साल से बेरोजगार था और मां अक्सर उसे काम खोजने और घर में मदद करने के लिए कहती थी।

बीते सोमवार को भी चंद्रकला ने उसे डांटा था, जिसके बाद अविनाश ने धमकी दी थी कि अगर दोबारा डांटा तो वह उसे नुकसान पहुँचाएगा। मंगलवार दोपहर अविनाश का भाई राजेश काम पर गया हुआ था, इसी दौरान मां ने अविनाश से फिर से काम खोजने के लिए कहा। बात बढ़ गई और बहस के दौरान अविनाश ने अचानक चाकू से हमला कर दिया।

पड़ोसियों ने शोर सुनकर एम्बुलेंस बुलाकर मां को अस्पताल पहुँचाया, लेकिन अधिक रक्त बह जाने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद अविनाश फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामला अब चौक बाजार पुलिस थाने में दर्ज है।

पिंक बॉल टेस्ट के भविष्य पर संकट, इंग्लैंड कर सकता है डे/नाइट टेस्ट का बहिष्कार


 नाइट पिंक बॉल टेस्ट का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) भविष्य में ऑस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज सीरीज़ के तहत किसी भी पिंक-बॉल टेस्ट को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला एशेज सीरीज़ की समीक्षा के दौरान ECB और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के बीच हुई चर्चाओं के बाद लिया गया है।

इंग्लैंड का यह रुख हाल ही में खेले गए एशेज के दूसरे टेस्ट से जुड़ा माना जा रहा है, जहां बेन स्टोक्स की टीम को 8 विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी थी। यह मुकाबला एकतरफा साबित हुआ, जिसके बाद पिंक बॉल की निष्पक्षता और संतुलन को लेकर सवाल उठने लगे।

आंकड़े भी इंग्लैंड के खिलाफ जाते नजर आते हैं। अब तक ऑस्ट्रेलिया ने खेले गए 15 पिंक-बॉल टेस्ट में से 14 में जीत दर्ज की है। उनकी एकमात्र हार 2022 में गाबा में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुई थी, जहां शमार जोसेफ के शानदार प्रदर्शन ने इतिहास रच दिया था।

अगर इंग्लैंड पिंक-बॉल टेस्ट खेलने से इनकार करता है, तो डे/नाइट टेस्ट फॉर्मेट के भविष्य और अस्तित्व पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।


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राष्ट्रपति भवन की सैर अब आम लोगों के लिए आसान: जानिए टिकट, टाइमिंग और अंदर की खास बातें


  दिल्ली की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए अब राष्ट्रपति भवन घूमना सपना नहीं रहा। भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास और देश की सबसे भव्य इमारतों में से एक, राष्ट्रपति भवन अपनी शान, इतिहास और वास्तुकला के लिए जाना जाता है। आमतौर पर लोग लाल किला, इंडिया गेट या कुतुब मीनार की ही योजना बनाते हैं, लेकिन राष्ट्रपति भवन भी अनुभव और शिक्षा के लिहाज से बेहद खास है।

राष्ट्रपति भवन की यात्रा के दौरान आप देख सकते हैं खुले हॉल, सुंदर गलियारे, इतिहास से जुड़ी कहानियां और वह जगहें जहां बड़े फैसले लिए जाते हैं और विदेशी मेहमानों का स्वागत होता है। यह अनुभव न केवल दिलचस्प बल्कि यादगार भी होता है।

  • राष्ट्रपति भवन की सैर दिल्ली आने वाले हर यात्री के लिए एक अनोखा और शाही अनुभव साबित हो सकती है।


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श्रीराम ने मकर संक्रांति पर उड़ाई पतंग, इंद्रलोक में मोहित हुई एक स्त्री – जानिए पूरी कथा


 मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उड़ाने की परंपरा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीराम ने बाल रूप में अपने भाइयों के साथ महल की छत से पहली बार पतंग उड़ाई थी। तुलसीदास के रामचरितमानस (बालकांड) में वर्णित है कि यह पतंग इंद्रलोक तक पहुंच गई, जहां एक स्त्री इस सुंदर पतंग को देखकर मोहित हो गई। उसे लगा कि इतनी सुंदर पतंग को उड़ाने वाला कितना आकर्षक होगा।

तमिल की तन्दनानरामायण के अनुसार, यह पतंग इंद्रलोक से वापस लौटी और इसी से पतंग उड़ाने की परंपरा शुरू हुई। आज भी मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का आयोजन यही परंपरा निभाने और देवताओं को धन्यवाद अर्पित करने के उद्देश्य से किया जाता है।

पतंग उड़ाना न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। सर्दियों में सूरज की किरणों का स्वागत करने और विटामिन डी प्राप्त करने के लिए सुबह की पतंगबाजी शरीर को ऊर्जा देती है और त्वचा संबंधी रोगों से बचाती है।


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US-ईरान तनाव पर पहली बार मुस्लिम देश की खुली चेतावनी, कतर बोला—“हम जानते हैं क्या होने वाला है”


 अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर पहली बार किसी मुस्लिम देश की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कतर ने दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका को लेकर दुनिया को गंभीर चेतावनी दी है। कतर का कहना है कि यदि हालात और बिगड़े तो इसके विनाशकारी परिणाम पूरे क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

ईरान में जारी प्रदर्शनों और हजारों लोगों की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आंदोलनकारियों को समर्थन देने का ऐलान किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “आंदोलन जारी रखो, मदद रास्ते में है”, साथ ही ईरानी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक भी रद्द कर दी। इसके बाद अमेरिका के संभावित सैन्य कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने दोहा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से न सिर्फ क्षेत्र बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर अब भी कूटनीतिक समाधान की उम्मीद करता है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए संकट को टालने की कोशिश कर रहा है।

कतर ने जोर देकर कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और संवाद ही इस संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता है।


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Tuesday, 13 January 2026

पवार फैमिली की ‘ग्रैंड री-एंट्री’? शरद-अजित की सुलह पर NDA बना सबसे बड़ा रोड़ा”


 महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े उलटफेर की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो धड़े — शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार — के बीच दूरी कम होने के संकेत मिलने लगे हैं। हाल ही में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के स्थानीय निकाय चुनावों में दोनों गुटों का साथ आना इस बात का इशारा माना जा रहा है कि पार्टी के दो फाड़ अब फिर से जुड़ सकते हैं।

लेकिन यह सुलह इतनी आसान नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, अगर दोनों गुटों का विलय होता भी है, तो वह बिना शर्तों के नहीं होगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अजित पवार की अगुवाई वाला गुट एनडीए में बना रहेगा या शरद पवार के साथ आकर महाविकास आघाड़ी की ओर लौटेगा। यही मुद्दा इस पूरी सुलह की कुंजी बना हुआ है।

डिप्टी सीएम अजित पवार ने हाल ही में पुणे में दिए एक इंटरव्यू में इस विषय पर बेहद संतुलित बयान दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान चुनावी प्रचार और मतदान पर है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी के भविष्य से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बिना नहीं लिया जाएगा।

अजित पवार ने कहा,
“पार्टियां कार्यकर्ताओं से चलती हैं, लेकिन दिशा वरिष्ठ नेता तय करते हैं। कोई भी बड़ा निर्णय शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद ही होगा।”

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि यदि दोनों गुट एक होते हैं, तो एनडीए में बने रहना या उसे छोड़ना — इस पर फैसला भी उसी वक्त किया जाएगा। यही वजह है कि यह संभावित ‘पवार पैच-अप’ महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल ला सकता है।

अगर शरद पवार और अजित पवार एक मंच पर लौटते हैं, तो यह न सिर्फ एनसीपी बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक गणित को बदल कर रख देगा।

दिल्ली में न्याय की हत्या: इंसाफ की लड़ाई लड़ रही मां को गोलियों से भून दिया, मासूम बेटी बोली– ‘पुलिस अंकल अब मुझे भी मार डालेंगे’”

दिल्ली एक लड़की की मां-बाप दोनों को अपराधियों ने हत्या कर दी.

दिल्ली के शालीमार बाग में 10 जनवरी की शाम सिर्फ एक महिला की हत्या नहीं हुई, बल्कि न्याय, भरोसे और मानवता की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपने पति के कातिलों को सजा दिलाने के लिए वर्षों से अदालतों के चक्कर काट रही 44 वर्षीय रचना यादव को दिनदहाड़े गोली मार दी गई।

अब पीछे रह गई है उसकी नाबालिग बेटी, जिसकी कांपती आवाज़ ने पूरे देश को झकझोर दिया है —
“पुलिस अंकल… अब मुझे भी मार डालेंगे।”

यह कोई साधारण क्राइम नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का आईना है।

2023 में रचना यादव के पति की हत्या कर दी गई थी। उस दिन से रचना ने हार नहीं मानी। धमकियों, डराने और लगातार खतरे के बावजूद वह अदालतों में लड़ती रही। वह जानती थी कि उसका रास्ता खतरनाक है, लेकिन इंसाफ के लिए वह हर जोखिम उठाने को तैयार थी।

हाल ही में वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी ताकि आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करवाई जा सके। इससे साफ था कि उसने अपराधियों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन कानून से डरने के बजाय, अपराधियों ने उसे ही हमेशा के लिए चुप करा दिया।

शाम के वक्त जब रचना अपने रोजमर्रा के काम से लौट रही थी, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया। सड़क पर गिरती रचना के साथ उसकी बेटी की दुनिया भी टूट गई।

आज पुलिस की फाइलों में यह “एक और हत्या” होगी, लेकिन उस बच्ची के लिए यह उसकी पूरी जिंदगी का अंत है — पहले पिता और अब मां, दोनों को अपराधियों ने छीन लिया।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि एक सवाल है —
अगर गवाह और इंसाफ की लड़ाई लड़ने वालों को सिस्टम बचा नहीं सकता, तो न्याय बचेगा कैसे?