Tuesday, 13 January 2026

दिल्ली में न्याय की हत्या: इंसाफ की लड़ाई लड़ रही मां को गोलियों से भून दिया, मासूम बेटी बोली– ‘पुलिस अंकल अब मुझे भी मार डालेंगे’”

दिल्ली एक लड़की की मां-बाप दोनों को अपराधियों ने हत्या कर दी.

दिल्ली के शालीमार बाग में 10 जनवरी की शाम सिर्फ एक महिला की हत्या नहीं हुई, बल्कि न्याय, भरोसे और मानवता की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपने पति के कातिलों को सजा दिलाने के लिए वर्षों से अदालतों के चक्कर काट रही 44 वर्षीय रचना यादव को दिनदहाड़े गोली मार दी गई।

अब पीछे रह गई है उसकी नाबालिग बेटी, जिसकी कांपती आवाज़ ने पूरे देश को झकझोर दिया है —
“पुलिस अंकल… अब मुझे भी मार डालेंगे।”

यह कोई साधारण क्राइम नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का आईना है।

2023 में रचना यादव के पति की हत्या कर दी गई थी। उस दिन से रचना ने हार नहीं मानी। धमकियों, डराने और लगातार खतरे के बावजूद वह अदालतों में लड़ती रही। वह जानती थी कि उसका रास्ता खतरनाक है, लेकिन इंसाफ के लिए वह हर जोखिम उठाने को तैयार थी।

हाल ही में वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी ताकि आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करवाई जा सके। इससे साफ था कि उसने अपराधियों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन कानून से डरने के बजाय, अपराधियों ने उसे ही हमेशा के लिए चुप करा दिया।

शाम के वक्त जब रचना अपने रोजमर्रा के काम से लौट रही थी, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया। सड़क पर गिरती रचना के साथ उसकी बेटी की दुनिया भी टूट गई।

आज पुलिस की फाइलों में यह “एक और हत्या” होगी, लेकिन उस बच्ची के लिए यह उसकी पूरी जिंदगी का अंत है — पहले पिता और अब मां, दोनों को अपराधियों ने छीन लिया।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि एक सवाल है —
अगर गवाह और इंसाफ की लड़ाई लड़ने वालों को सिस्टम बचा नहीं सकता, तो न्याय बचेगा कैसे?


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