अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर पहली बार किसी मुस्लिम देश की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कतर ने दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका को लेकर दुनिया को गंभीर चेतावनी दी है। कतर का कहना है कि यदि हालात और बिगड़े तो इसके
विनाशकारी परिणाम पूरे क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरान में जारी प्रदर्शनों और हजारों लोगों की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आंदोलनकारियों को समर्थन देने का ऐलान किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “आंदोलन जारी रखो, मदद रास्ते में है”, साथ ही ईरानी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक भी रद्द कर दी। इसके बाद अमेरिका के संभावित सैन्य कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने दोहा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से न सिर्फ क्षेत्र बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर अब भी कूटनीतिक समाधान की उम्मीद करता है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए संकट को टालने की कोशिश कर रहा है।
कतर ने जोर देकर कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और संवाद ही इस संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता है।
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