अदालत में तीखी बहस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के.एम. नटराज राजू के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। राजू द्वारा लगाए गए आरोपों पर सिब्बल अचानक आक्रामक हो गए और खुली अदालत में कड़ी आपत्ति जताई।
मामले की सुनवाई के दौरान ASG राजू ने यह संकेत दिया कि सिब्बल ने कोर्ट के समक्ष तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया और अदालत को भ्रमित करने की कोशिश की। यह सुनते ही सिब्बल का पारा चढ़ गया। उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा, “आपको यह कहने की हिम्मत कैसे हुई कि मैंने अदालत को गुमराह किया? मैं दशकों से वकालत कर रहा हूं और मैंने कभी किसी कोर्ट को गलत जानकारी नहीं दी।”
सिब्बल ने आगे कहा कि इस तरह के आरोप न केवल उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा पर हमला हैं, बल्कि अदालत की गरिमा के भी खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हमेशा तथ्यों और कानून के दायरे में रहकर ही दलीलें रखते हैं।
अदालत में मौजूद जज ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी और कहा कि बहस मुद्दों पर केंद्रित रहनी चाहिए, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप पर नहीं। हालांकि, सुनवाई के दौरान माहौल काफी गरम बना रहा।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस तरह की तल्ख बहसें उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही में कभी-कभी देखने को मिलती हैं, खासकर संवेदनशील मामलों में।
फिलहाल अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तय कर दी है, लेकिन सिब्बल और ASG राजू के बीच यह टकराव लंबे समय तक चर्चा में रहने की संभावना है
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