नई दिल्ली
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में हालात इतने चिंताजनक हो गए हैं कि “एक देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर लिया जाता है और सरकार खामोश रहती है।”
अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के साथ लगातार हो रहे अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ भाषणों और जश्न तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है, गरीब मरीजों को समय पर दवा और इलाज नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि युवा कितनी भी डिग्रियां हासिल कर लें, उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। पढ़ा-लिखा युवा हताश और निराश है, लेकिन सरकार के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड और औपचारिकता का दिन नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को याद करने का अवसर है। अगर जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार नहीं मिलेगा, तो लोकतंत्र सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाएगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रचार से बाहर निकलकर जनता के असली मुद्दों पर काम करे और संविधान की मूल भावना का सम्मान करे।
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