बिहार के मधुबनी जिले के अदलपुर में 1991 में लालू प्रसाद यादव द्वारा स्थापित ‘चरवाहा विद्यालय’ आज भी अपने उद्देश्य के साथ संचालित हो रहा है। यह स्कूल ग्रामीण शिक्षा में एक अनोखी पहल के रूप में जाना जाता है, जहां चारों ओर खेती, हरियाली और पारंपरिक कृषि परिवेश के बीच बच्चे पढ़ाई करते हैं।
विद्यालय की पुरानी थीम आज भी बरकरार है।
चारों ओर कृषि भूमि और खेतों में फसलें फैली हैं।
स्कूल परिसर में मवेशियों के चारे के लिए पुराने समय का नाद और पानी के लिए तालाब मौजूद है।
हालांकि अब बच्चों को चारे या कृषि कार्य में शामिल नहीं किया जाता, यह स्थान अब सिर्फ शिक्षा केंद्र के
‘चरवाहा विद्यालय’ की स्थापना उस समय की लालू यादव की शिक्षा में क्रांति लाने की सोच का हिस्सा थी। इसका उद्देश्य था कि बच्चों को न केवल बुनियादी शिक्षा मिले, बल्कि उन्हें ग्रामीण और कृषि जीवन के करीब भी लाया जा सके। तब से यह विद्यालय प्राथमिक शिक्षा का केंद्र बनकर ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा का उज्ज्वल विकल्प बना हुआ है।
अदालपुर का यह विद्यालय आज भी सभी वर्ग के बच्चों के लिए खुला है और स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह स्कूल न केवल शिक्षा का प्रतीक है, बल्कि लालू यादव के उस सपने का जीवंत उदाहरण भी है, जिसमें ग्रामीण बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ प्राकृतिक और पारंपरिक जीवन से जोड़ने का प्रयास किया गया था।
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