ग्रेटर नोएडा: यूपी के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक कार हादसे में एक युवा इंजीनियर की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था और रेस्क्यू सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के पिता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनका बेटा कार की छत पर लेटा हुआ था और धीरे-धीरे पानी में डूब रही कार से मदद मांग रहा था।
पिता के अनुसार, हादसा रात करीब 12 बजे हुआ, जब उनके बेटे ने फोन किया और बताया कि उसकी कार सड़क से फिसलकर नाले में गिर गई है। उन्होंने बताया, “बेटा अपनी जान बचाने के लिए कार की छत पर लेटा हुआ था। वह बार-बार कह रहा था कि गाड़ी धीरे-धीरे डूब रही है और उसे तुरंत बचाया जाए। उसने लोकेशन बताने के लिए मोबाइल की टॉर्च ऑन की थी।”
पिता ने रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, सरकारी रेस्क्यू टीम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। टीम केवल रस्सी के सहारे बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन सही स्थान तक नहीं पहुँच सकी। उन्होंने कहा कि अगर यह तरीका काम नहीं कर रहा था, तो नाव, तैराक या अन्य वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इस घटना ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आपातकालीन परिस्थितियों में पर्याप्त उपकरण और त्वरित रेस्क्यू तैयारियों की कमी कैसे जानलेवा साबित हो सकती है। पिता का कहना है कि अगर समय रहते सही संसाधन उपलब्ध होते, तो उनके बेटे की जान बच सकती थी।
.jpg)
No comments:
Post a Comment