नई दिल्ली, योगराज शर्मा : केंद्रीय सरकार के चार प्रमुख अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों ने नर्सिंग सेवाओं के प्रस्तावित आउटसोर्सिंग के विरोध में 25 मई 2026 से प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।
यह आंदोलन ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (AIGNF) के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। फेडरेशन का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन नर्सिंग कर्मियों की नौकरी की सुरक्षा, पेशेवर सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
फेडरेशन के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर पिछले कई महीनों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। नर्सिंग कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया, धरना-प्रदर्शन किए, ज्ञापन सौंपे तथा सामूहिक अवकाश और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी थी।
AIGNF का आरोप है कि 10 मार्च 2026 को हुई बैठक में सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि नर्सिंग सेवाओं का आउटसोर्सिंग नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद आउटसोर्सिंग की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे नर्सिंग समुदाय में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान भी नर्सिंग स्टाफ मरीजों की देखभाल और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दे रहा है। उनका कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नर्सिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। इसके तहत सामूहिक अवकाश और अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
फेडरेशन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह नर्सिंग कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और शीघ्र समाधान निकाले, ताकि देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।


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